
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने सहकारी ऋण ढांचे को मजबूत करने की दिशा में नागालैंड में बड़ा कदम उठाया है। नाबार्ड की ओर से जारी अपनी रिपोर्ट “नाबार्ड इन नागालैंड 2025-26” के अनुसार, बैंक ने पुनर्वित्त सहायता, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण और बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के विस्तार के माध्यम से राज्य के सहकारी क्षेत्र को मजबूती प्रदान की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, नाबार्ड ने नागालैंड स्टेट कोऑपरेटिव बैंक को 100 करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष पुनर्वित्त सहायता स्वीकृत एवं वितरित की। यह राज्य के सहकारी बैंक को दी गई पहली प्रत्यक्ष पुनर्वित्त सहायता है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नागालैंड स्टेट कोऑपरेटिव बैंक और नागालैंड ग्रामीण बैंक को कुल 147.38 करोड़ रुपये की पुनर्वित्त सहायता प्रदान की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 207.68 प्रतिशत अधिक है।
नाबार्ड ने सहकारिता मंत्रालय के “सहकार से समृद्धि” विजन के तहत नागालैंड में सहकारी क्षेत्र में हुए सुधारों को भी रेखांकित किया। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष के दौरान राज्य में 231 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) का कंप्यूटरीकरण किया गया, जिससे पारदर्शिता और संचालन दक्षता बढ़ाने में मदद मिली। इसके अलावा, सहकारिता से वंचित गांवों और ग्राम पंचायतों में 67 नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (एमपैक्स) पंजीकृत की गईं।
इसके साथ ही, नाबार्ड ने नागालैंड स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन एंड प्रोडक्ट इनोवेशन सेल (बीडीपीआईसी) की स्थापना में सहयोग प्रदान किया। इस परियोजना की लागत नाबार्ड और बैंक द्वारा संयुक्त रूप से वहन की गई। इस पहल के तहत सहकारी बैंक ने होम लोन और सैलरी लिंक्ड अकाउंट जैसे नए उत्पाद शुरू किए हैं।



