
तेलंगाना राज्य सहकारी शहरी बैंक महासंघ ने राष्ट्रीय शहरी सहकारी बैंक महासंघ के सहयोग से हैदराबाद में शहरी सहकारी बैंकों के अध्यक्षों, निदेशकों, मुख्य कार्यपालक अधिकारियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में शहरी सहकारी बैंकों के 93 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम महासंघ के अध्यक्ष वेमिरेड्डी नरसिम्हा रेड्डी, कार्याध्यक्ष जी. मदन गोपाल स्वामी, उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार केडिया और मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर. कृष्णमूर्ति के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य तेलंगाना के शहरी सहकारी बैंकों को बदलती नियामकीय अपेक्षाओं और आधुनिक बैंकिंग मानकों के अनुरूप तैयार करना था।
इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक चिन्मय कुमार ने तेलंगाना के शहरी सहकारी बैंकों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य का कोई भी बैंक वर्तमान में पर्यवेक्षणात्मक कार्रवाई ढांचे के अंतर्गत नहीं है। उन्होंने संस्थानों से पेशेवर उत्कृष्टता, सुशासन और परिचालन दक्षता के उच्च मानक अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने अपने संबोधन को चार स्तंभ, सुशासन, आश्वासन तंत्र, प्रौद्योगिकी और ग्राहक सेवा, पर आधारित रखते हुए कहा कि सुदृढ़ सुशासन अधिकांश संस्थागत चुनौतियों का समाधान है। उन्होंने निष्पक्ष निर्णय प्रक्रिया, सशक्त लेखा परीक्षण व्यवस्था, भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के कड़ाई से अनुपालन तथा सुरक्षित मूल बैंकिंग प्रणाली और साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया।
भारतीय रिजर्व बैंक, हैदराबाद के उप महाप्रबंधक प्रभुति समाल ने क्षमता निर्माण में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। भारतीय रिजर्व बैंक, पुणे स्थित कृषि बैंकिंग महाविद्यालय के उप महाप्रबंधक एवं संकाय सदस्य अभिषेक कुमार ने 28 नवंबर 2025 को जारी शासन संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप निगमित सुशासन पर विस्तृत प्रस्तुति दी और निदेशक मंडल के “हस्तक्षेप रहित, सतर्क निगरानी” दृष्टिकोण की वकालत की।
नेफकॉब के सलाहकार सुभाष गुप्ता ने सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से शहरी सहकारी बैंकों को सुदृढ़ करने हेतु केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया, जबकि कार्यक्रम समन्वयक अनिल चौहान ने महासंघ की सुव्यवस्थित व्यवस्था की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार केडिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह कार्यशाला तेलंगाना के शहरी सहकारी बैंकों को पेशेवर, प्रौद्योगिकी-सुरक्षित और ग्राहक-केंद्रित भविष्य की ओर अग्रसर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुई।



