
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राजस्थान के अलवर में 6,453 करोड़ रुपये की लागत वाली 954 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और कई अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं, किसानों, गरीबों और महिलाओं को सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार किसानों, पशुपालकों, युवाओं और महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू कर रही है।
उन्होंने बताया कि अलवर में तीन लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दूध प्रसंस्करण संयंत्र का भूमिपूजन किया गया है, जिसकी क्षमता भविष्य में बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन की जाएगी। शाह ने कहा कि जब बड़ी मात्रा में दूध सीधे पशुपालकों से डेयरी तक पहुंचेगा और भुगतान उनके बैंक खातों में होगा, तो इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डेयरी और सहकारिता क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुपालकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अधिक दूध देने वाली गायों और भैंसों की उन्नत नस्लों को राजस्थान के हर घर तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने पशुधन बीमा योजना की भी सराहना की और कहा कि आने वाले समय में डेयरी उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
अमित शाह ने बताया कि भीलवाड़ा, जयपुर, पाली और राजसमंद में 274 करोड़ रुपये की लागत से सरस डेयरी के चार नए संयंत्र शुरू किए जा रहे हैं। इसके अलावा फलोदी, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और प्रतापगढ़ में चार नए जिला सहकारी बैंकों का शुभारंभ भी किया गया। उन्होंने कहा कि इन बैंकों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 152 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 67 लाख किसानों को 667 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई है।
शाह ने कहा कि राजस्थान में वर्तमान में 44,000 सहकारी समितियां कार्यरत हैं और सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक गांव तक सहकारिता की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के दौरान 50 नए गोदाम बनाए जाएंगे, जबकि 100 मीट्रिक टन क्षमता वाले 62 और 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले 100 गोदाम पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि वर्ष 2014 से 2026 तक ऐसा कोई वर्ष नहीं रहा, जब किसानों के हित में कोई बड़ी योजना शुरू न की गई हो। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय का उद्देश्य ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र को साकार करते हुए देश के प्रत्येक गांव को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।



