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जनता सहकारी बैंक, पुणे की एजीएम में उद्यम विकास बैंक के विलय को मंजूरी

जनता सहकारी बैंक लिमिटेड (जेएसबीएल), पुणे की हाल ही में आयोजित वार्षिक आम सभा (एजीएम) में उद्यम विकास सहकारी बैंक लिमिटेड के विलय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। बैठक की अध्यक्षता बैंक के अध्यक्ष रवींद्र हेजिब ने की। एजीएम में विलय प्रस्ताव सहित अन्य प्रस्तावों को भी बहुमत से मंजूरी दी गई।

पुणे मुख्यालय वाला उद्यम विकास सहकारी बैंक आठ शाखाओं के माध्यम से संचालित होता है। बैंक ने बढ़ती प्रतिस्पर्धा, तकनीकी लागत में लगातार वृद्धि और सीमित संसाधनों को विलय के प्रमुख कारणों के रूप में बताया था।

जनता सहकारी बैंक ने विलय से पहले उचित जांच-पड़ताल के लिए मेदाडकर एंड कंपनी को नियुक्त किया था। उसकी रिपोर्ट अनुकूल पाए जाने के बाद विलय प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब विलय की प्रक्रिया भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सहित संबंधित नियामकीय मंजूरियों के अधीन आगे बढ़ेगी।

इस बीच, वित्त वर्ष 2025-26 में जनता सहकारी बैंक ने कारोबार में अच्छी वृद्धि दर्ज की। बैंक की जमा राशि बढ़कर 10,811.40 करोड़ रुपये हो गई, जबकि ऋण एवं अग्रिम 6,711.17 करोड़ रुपये तक पहुंच गए। इस तरह बैंक का कुल कारोबार 17,522.57 करोड़ रुपये हो गया। बैंक की नेटवर्थ भी बढ़कर 556.52 करोड़ रुपये हो गई और सदस्यों के लिए 3 प्रतिशत लाभांश घोषित किया गया।

हालांकि, बैंक का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024-25 के 67.98 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 17.33 करोड़ रुपये रह गया। बैंक का सीआरएआर बढ़कर 15.07 प्रतिशत हो गया, जबकि क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात 62.07 प्रतिशत रहा। सकल एनपीए 4.08 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 2.09 प्रतिशत दर्ज किया गया।

एजीएम में बैंक ने बताया कि अपग्रेडेड टीसीएस कोर बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं आने वाले महीनों में शुरू की जाएंगी। बैंक औद्योगिक ऋण पर विशेष जोर देगा। बैठक में साइबर सुरक्षा, केवाईसी, री-केवाईसी और सीकेवाईसी पर विशेष सत्र भी आयोजित किया गया।

बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगदीश कश्यप ने सदस्यों के सवालों के जवाब दिए, जबकि निदेशक पद्मजा कुलकर्णी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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