
महाराष्ट्र भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) तथा मुंबई जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) की गवर्निंग काउंसिल के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
इस चुनाव में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ के प्रशासक सौरभ शर्मा ने उनके खिलाफ नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, जांच के दौरान उनका नामांकन निरस्त हो गया, जिसके बाद प्रवीण दरेकर का निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया।
प्रवीण दरेकर ने राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश सहकारी संघों के निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा, जिसमें महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। महाराष्ट्र राज्य सहकारी संघ के अध्यक्ष के रूप में वह अब एनसीयूआई की सर्वोच्च शासी निकाय (गवर्निंग काउंसिल) में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
महाराष्ट्र के सहकारिता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल दरेकर वर्तमान में महाराष्ट्र विधान परिषद में भाजपा विधायक दल के नेता हैं। इसके अलावा, वह मुंबई जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष हैं। वह रायगढ़ सहकारी बैंक तथा महाराष्ट्र राज्य शहरी सहकारी बैंक महासंघ सहित कई सहकारी संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं।
प्रवीण दरेकर ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) से की थी, जहां उन्होंने महासचिव के रूप में कार्य करते हुए राज ठाकरे के साथ पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2009 में वह मगाठाणे विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी सहयोगियों में गिने जाने वाले प्रवीण दरेकर को राजनीति और सहकारिता क्षेत्र के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने वाले प्रभावशाली नेताओं में माना जाता है। एनसीयूआई की गवर्निंग काउंसिल में उनका निर्विरोध निर्वाचन सहकारी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।



