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अभ्युदय बैंक: 96 करोड़ रुपये कर-पूर्व लाभ, एनपीए में कमी

मुंबई स्थित अभ्युदय सहकारी बैंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय वित्तीय सुधार दर्ज किया है। बैंक के मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में भारी कमी आई है।

बहु-राज्य अनुसूचित शहरी सहकारी बैंक का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग दोगुना होकर 10.11 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 5.22 करोड़ रुपये था। वहीं, कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) में 176 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई और यह 34.87 करोड़ रुपये से बढ़कर 96.33 करोड़ रुपये हो गया।

बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (ग्रॉस एनपीए) 106.59 करोड़ रुपये घटकर 949.01 करोड़ रुपये से 842.42 करोड़ रुपये पर आ गईं। वहीं, शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (नेट एनपीए) लगभग 28 प्रतिशत घटकर 253.25 करोड़ रुपये से 182.16 करोड़ रुपये रह गईं।

बैंक की वित्तीय स्थिति भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। प्रोविजन कवरेज अनुपात (पीसीआर) 73.14 प्रतिशत से बढ़कर 78.20 प्रतिशत हो गया, जबकि पूंजी से जोखिम-भारित परिसंपत्ति अनुपात (सीआरएआर) 3.62 प्रतिशत से बढ़कर 6.46 प्रतिशत पर पहुंच गया।

बैंक के पुनरुद्धार का सबसे महत्वपूर्ण संकेत इसकी नेटवर्थ स्थिति में सुधार रहा। 31 मार्च 2025 को बैंक की नकारात्मक नेटवर्थ 157.87 करोड़ रुपये थी, जो एक वर्ष बाद घटकर 29.21 करोड़ रुपये रह गई। इस प्रकार बैंक की नेटवर्थ स्थिति में लगभग 129 करोड़ रुपये का सुधार दर्ज किया गया। बैंक प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान बैंक की नेटवर्थ सकारात्मक हो जाएगी।

बैंक प्रबंधन ने कहा कि लाभप्रदता में वृद्धि, एनपीए में लगातार कमी, बेहतर प्रावधान कवरेज और पूंजी पर्याप्तता में सुधार बैंक की पुनरुद्धार रणनीति की सफलता को दर्शाते हैं।

मुनाफे में बढ़ोतरी, खराब ऋणों में कमी और पूंजी आधार में सुधार के साथ अभ्युदय सहकारी बैंक धीरे-धीरे वित्तीय दबाव के लंबे दौर से उबर रहा है और आने वाले वर्षों में दीर्घकालिक विकास की दिशा में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

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