
राजस्थान में सहकारी उर्वरक क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने इफको और कृभको के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में उर्वरकों का वितरण पूरी तरह सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाए। इसमें क्रय-विक्रय सहकारी समितियां और ग्राम सेवा सहकारी समितियां शामिल हैं।
खरीफ और रबी सीजन से पहले आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि निजी डीलरों के माध्यम से उर्वरक बिक्री पर नियंत्रण से कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी तथा किसानों को यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरक उचित कीमत पर समय पर उपलब्ध हो सकेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन ब्लॉकों में उर्वरक आपूर्ति कमजोर है वहां वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जाए। साथ ही डूंगरपुर और बांसवाड़ा जैसे जनजातीय क्षेत्रों में उर्वरक रैक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
मंत्री ने सहकारी समितियों को यह भी निर्देश दिए कि वे केवल सहकारी मॉडल पर आधारित कंपनियों जैसे इफको और कृभको के उर्वरकों की ही बिक्री करें, ताकि नकली खाद की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
बैठक में अधिकारियों को सहकारी गोदामों का नियमित निरीक्षण करने तथा सभी जिलों में उर्वरकों के स्टॉक की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।



