
सहकारिता मंत्रालय ने देशभर के जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) में पारदर्शिता, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और बेहतर प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित रैंकिंग फ्रेमवर्क की समीक्षा की है।
सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने पिछले सप्ताह इस फ्रेमवर्क की समीक्षा की। इसके तहत डीसीसीबी के प्रदर्शन का आकलन पांच प्रमुख मानकों पर किया जाएगा। इनमें वित्तीय प्रदर्शन, गतिविधियां एवं सेवाएं, बुनियादी ढांचा एवं परिसंपत्तियां, ऑडिट स्थिति और प्रोफाइल शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, रैंकिंग व्यवस्था से डीसीसीबी को अपने प्रदर्शन में सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे बैंकों के बीच बेहतर कार्यप्रणाली और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
इस पहल के जरिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले डीसीसीबी की पहचान और उनके प्रदर्शन को सामने लाने में भी मदद मिलेगी। इससे बैंकों को अपनी कार्यक्षमता और सेवाओं में सुधार के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
बैठक में सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव शिव पाल सिंह, निदेशक कुमार राम कृष्ण समेत मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



