
नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (एनसीयूआई) की गवर्निंग काउंसिल के चुनाव की मतगणना पूरी हो गई है। अधिकांश परिणाम पहले से लगाए जा रहे अनुमानों के अनुरूप रहे, लेकिन दो नतीजों ने सहकारिता जगत को चौंका दिया।
मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज निर्वाचन क्षेत्र में सहकार भारती समर्थित नकुल कडू ने भाजपा एमएलसी संजय भेंडे को अप्रत्याशित रूप से पराजित कर दिया, जबकि स्टेट अर्बन कोऑपरेटिव बैंक्स एवं क्रेडिट सोसायटीज फेडरेशन निर्वाचन क्षेत्र में एच.के. पाटिल ने बराबरी के बाद ड्रॉ ऑफ लॉट्स के जरिए जीत हासिल की। कुल मिलाकर विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में सहकार भारती समर्थित उम्मीदवारों का दबदबा देखने को मिला।
नेशनल फेडरेशंस निर्वाचन क्षेत्र में परिणाम अपेक्षा के अनुरूप रहे। एनसीसीएफ के अध्यक्ष विशाल सिंह 11 मतों के साथ सबसे आगे रहे। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी को 10 मत मिले, जबकि नेफेड के निदेशक मोहनभाई कुंदरिया को 9 मत प्राप्त हुए। कृभको के निदेशक बिपिन पटेल तथा एनडीडीबी के अध्यक्ष मीनिश शाह ने आठ-आठ मत हासिल किए। इस निर्वाचन क्षेत्र में एक मत अमान्य घोषित किया गया, जबकि तीन मतपत्रों का उपयोग नहीं हुआ।
राज्य सहकारी संघ एवं केंद्र शासित प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र में 18 पात्र प्रतिनिधियों में से 17 ने मतदान किया। बिहार स्टेट कोऑपरेटिव यूनियन के अध्यक्ष विनय कुमार शाही ने ओडिशा की प्रभासिनी सारंगी को 11-6 से पराजित किया। वहीं मणिपुर की जीना पोटसांगबाम ने मंगलजीत राय को 15-2 के बड़े अंतर से हराया। बताया गया कि मंगलजीत राय व्यावहारिक रूप से चुनावी मुकाबले में सक्रिय नहीं थे, लेकिन अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण अपना नामांकन वापस नहीं ले सके।
राज्य स्तरीय सहकारी महासंघ एवं संघ (पश्चिमी एवं दक्षिणी भारत) निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व भाजपा सांसद अन्नासाहेब जोल्ले ने एकतरफा मुकाबले में जीत दर्ज की। उन्होंने 15 मत हासिल किए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी संजीव कुशलकर एक भी मत प्राप्त नहीं कर सके। उल्लेखनीय है कि 22 पात्र मतों में से केवल 15 मत ही डाले गए।
स्टेट अर्बन कोऑपरेटिव बैंक्स एवं क्रेडिट सोसायटीज फेडरेशन निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव का सबसे रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। एच.के. पाटिल और सुनील गुप्ता को चार-चार मत मिले, जिससे बराबरी की स्थिति बन गई। चुनाव नियमों के अनुसार विजेता का फैसला ड्रॉ ऑफ लॉट्स के माध्यम से किया गया, जिसमें भाग्य ने एच.के. पाटिल का साथ दिया और उन्हें विजयी घोषित किया गया।
वहीं मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटीज निर्वाचन क्षेत्र चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर साबित हुआ। सहकार भारती समर्थित नकुल कडू ने 14 मत हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि महाराष्ट्र के भाजपा एमएलसी संजय भेंडे, जिन्हें राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेताओं का समर्थन प्राप्त होने की चर्चा थी, 12 मतों के साथ चुनाव हार गए। इस निर्वाचन क्षेत्र में जी.आर. रविचंद्रन और सी.बी. जिसोजी को एक-एक मत मिला, जबकि अन्य उम्मीदवार अपना खाता भी नहीं खोल सके।
अब मतगणना पूरी होने के बाद सभी की निगाहें रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा भेजे गए परिणामों पर कोऑपरेटिव इलेक्शन अथॉरिटी की औपचारिक मंजूरी पर टिकी हैं। मंजूरी मिलने के बाद चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके पश्चात एनसीयूआई के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव होंगे।



