
आंध्र प्रदेश स्थित विशाखापत्तनम जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (डीसीसीबी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए 3.58 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष के 1.60 करोड़ रुपये की तुलना में 124 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। बैंक के लाभ में यह उल्लेखनीय वृद्धि मुख्य रूप से गोल्ड लोन कारोबार के विस्तार के कारण हुई है।
बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डी.वी.एस. वर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक ने व्यवसाय और लाभ दोनों मोर्चों पर बेहतर प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि बैंक का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो, जो पहले लगभग 350 करोड़ रुपये था, 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 584 करोड़ रुपये पहुंच गया। वर्तमान में यह 600 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है और बैंक का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक इसे 700 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का है।
वर्मा के अनुसार, सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि और गोल्ड लोन की बढ़ती मांग से कारोबार को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में परिवारों के पास परंपरागत रूप से पर्याप्त मात्रा में स्वर्ण आभूषण होते हैं, जिनका उपयोग वे अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करते हैं। यही कारण है कि गोल्ड लोन की मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि बैंक की कुल 32 शाखाएं हैं, जिनमें से 16 शाखाएं विशाखापत्तनम शहर में स्थित हैं। बैंक का कुल व्यवसाय (बिजनेस मिक्स) लगभग 2,850 करोड़ रुपये है।
तकनीकी आधुनिकीकरण के क्षेत्र में भी बैंक ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्मा ने कहा कि डीसीसीबी ने यूपीआई सेवाओं और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) प्लेटफॉर्म को अपनाकर अपनी तकनीकी क्षमता को मजबूत किया है, जिससे ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और बैंक की परिचालन दक्षता में सुधार हुआ है।
इस बीच बैंक के प्रभारी कोना ताताराव ने कहा कि विशाखापत्तनम डीसीसीबी अपने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और ग्रामीण सशक्तीकरण के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बैंक आने वाले समय में भी अपनी विकास यात्रा को जारी रखते हुए अपने कार्यक्षेत्र में वित्तीय सेवाओं का और अधिक विस्तार करेगा।
विशाखापत्तनम डीसीसीबी आंध्र प्रदेश के 13 जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में से एक है। हाल के वर्षों में बैंक ने व्यवसाय वृद्धि, तकनीकी उन्नयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए कई उल्लेखनीय पहल की हैं।



