
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लद्दाख के लेह में डेयरी अवसंरचना और सहकारी पहलों से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकारिता मॉडल के तहत लद्दाख में डेयरी क्षेत्र को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने बताया कि करगिल में 10 टीएलपीडी क्षमता वाले डेयरी प्लांट की आधारशिला रखी गई है, जो प्रतिदिन 10,000 लीटर दूध प्रोसेस करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार होगी।
शाह ने बताया कि लेह में मौजूदा मिल्क प्लांट में अब नियमित उत्पादन शुरू हो रहा है, जबकि 70 करोड़ रुपये की लागत से 50,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला नया संयंत्र भी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 45 लाख रुपये की लागत से मोबाइल परीक्षण प्रयोगशाला शुरू की गई है, जिससे दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। एंड्रॉइड आधारित एएमसीएस ऐप भी लॉन्च किया गया, जिससे पशुपालक अपने दूध का पूरा लेखा-जोखा पारदर्शी तरीके से देख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि लद्दाख में तैनात आईटीबीपी और सेना जैसे बड़े उपभोक्ताओं की जरूरतें स्थानीय डेयरी उत्पादन से पूरी की जा सकेंगी। साथ ही राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और मदर डेयरी के सहयोग से लद्दाख के उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में काम होगा।
शाह ने बताया कि लद्दाख मिल्क फेडरेशन का नेटवर्क 28 गांवों तक पहुंच चुका है और करीब 1700 दुग्ध उत्पादक इससे जुड़े हैं। लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में दूध संग्रहण को 7,000 किलोलीटर से बढ़ाकर 21,000 किलोलीटर तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में देश के डेयरी क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और भारत का दूध उत्पादन 146 मिलियन टन से बढ़कर 248 मिलियन टन हो गया है। सहकारिता के माध्यम से लाखों किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
गृह मंत्री ने कहा कि लद्दाख में डेयरी के साथ-साथ पश्मीना, ऑर्गेनिक उत्पाद और शहद आधारित सहकारी संस्थाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों से क्षेत्र में रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी।



