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राजस्थान सरकार की वेबसाइट पर शिकायतों का अंबार

राजस्थान सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा शुरू की गई एक वेबसाइट पर कई सहकारी संगठनों के खिलाफ लोगों ने धोखाधड़ी की सैकड़ों शिकायतें दर्ज कराई है।

ऐसी खबरें हैं कि हाल ही में 20 दिनों के भीतर सहकारिता विभाग की वेबसाइट पर राजस्थान की क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटीज में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से संबंधित 4500 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। घोटालों से जुड़ी शिकायतें लगभग 142 करोड़ रुपये की हैं।

पाठकों को याद होगा कि आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, संजीवनी नवजीवन और कई अन्य बड़े क्रेडिट को-ऑप्स से संबंधित शिकायतें प्राप्त होने के बाद कई घोटाले सामने आए थे।

शिकायतें मिलने के बाद राजस्थान सहकारिता विभाग धोखाधड़ी पर सख्त हो गया और पिछले महीने वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए एक लिंक जारी किया, जहाँ 4500 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं।

सहकारिता विभाग ने अब हर शनिवार को रजिस्ट्रार ऑफ को-ऑपरेटिव्स की अदालत में शिकायतों की सुनवाई शुरू कर दी है।

इसके अलावा, धोखाधड़ी में शामिल 49 क्रेडिट सहकारी समितियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। उन्हें 15 दिनों में निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए कहा गया, जिसमें विफल रहने पर उनके खातों को जब्त कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

केंद्र सरकार ने कई महीने पहले “गैर-कानूनी जमा प्रतिबंध कानून” को लागू किया है और राजस्थान एकमात्र राज्य है जहां इसके तहत पहली कार्रवाई शुरू की गई है। इस अधिनियम के तहत, सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को सिविल कोर्ट की शक्तियों के साथ “सक्षम प्राधिकारी” घोषित किया गया है।

अधिनियम में रजिस्ट्रार को गलत समितियों के खातों और परिसंपत्तियों को जब्त करने का भी अधिकार है। सहकारी पंजीयक नीरज के. पवन ने मीडिया को बताया कि विभाग अब इन समितियों के खातों और परिसंपत्तियों के बारे में जानकारी एकत्र कर रहा है। अगर सुनवाई में निवेशकों की शिकायत सही पाई जाती है, तो सहकारी समितियों की संपत्ति बेचकर निवेशकों को पैसा लौटाया जाएगा।

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