
बिहार में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को पेट्रोल और डीजल के रिटेल आउटलेट संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बिहार सहकारिता विभाग के अनुसार, यह कदम पैक्स को कृषि ऋण तक सीमित रखने के बजाय बहुउद्देशीय और आर्थिक रूप से सक्षम संस्थाओं के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
सहकारिता मंत्रालय ने नए पेट्रोल और डीजल डीलरशिप के आवंटन में पैक्स को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया है। इसके अलावा, पात्र पैक्स को मौजूदा बल्क कंज्यूमर पेट्रोल पंपों को रिटेल आउटलेट में बदलने की भी अनुमति दी गई है।
बिहार इस दिशा में पहले ही कदम बढ़ा चुका है। सरकारी जानकारी के अनुसार, 12 पैक्स ने पेट्रोल-डीजल रिटेल आउटलेट के लिए आवेदन किया है, जिनमें से पांच का चयन तेल विपणन कंपनियों ने किया है।



