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एनसीडीसी ने दिया अब तक का सर्वाधिक ऋण

वित्त वर्ष 2021-22 के खत्म होने से पहले राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) ने सहकारी संस्थाओं को 28,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया है, जो एनसीडीसी के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है।

यह ऋण सहकारी समितियों को 1 अप्रैल 2021 से आज तक वितरित किया गया है। “भारतीयसहकारिता” से बातचीत में एनसीडीसी के एक उच्च अधिकारी ने दावा किया कि चालू वित्त वर्ष के समाप्त होने तक एनसीडीसी 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के आंकड़े को पार कर लेगी”।

“यह हमारे प्रबंध निदेशक संदीप नायक के कठिन प्रयासों से संभव हुआ है, जो हमेशा कर्मचारियों और अन्य सदस्यों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते रहते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हमने निर्धारित लक्ष्य से दोगुने से अधिक का संवितरण कर दिया है”, अधिकारी ने कहा।

एनसीडीसी ने अपने सोशल मीडिया वॉल पर इस खबर को साझा करते हुए लिखा, “एनसीडीसी की टीम ने अपने अध्यक्ष तथा माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में इस वर्ष अब तक सहकारी समितियों को 28408 करोड़ रुपये संवितरित किए हैं जो कि इतिहास में अब तक की सर्वोच्च उपलब्धि है।”

बाद में, सोशल मीडिया यूजर्स ने एनसीडीसी को एक नया रिकॉर्ड स्थापित करने के लिए बधाई दी और सहकारिता की वित्तीय जरूरतों को पूरा करके सहकारी आंदोलन को मजबूत करने में इसकी भूमिका की सराहना की।

एनसीडीसी परियोजना लागत के 90-95% की सीमा तक सहकारी समितियों को मजबूत और विकसित करने के लिए उदार सहायता प्रदान करती है जिसमें कुछ योजनाओं के तहत 15-25% की सब्सिडी मिल सकती है।

‘आयुष्मान सहकार’, देश में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सहकारी समितियों की सहायता करने के लिए इसकी एक अनूठी योजना है, जिस पर सहकारी जगत से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

इससे पहले, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री ने एनसीडीसी द्वारा निभाई जा रही भूमिका की प्रशंसा की और कहा कि इसने सहकारी समितियों को 30.06.2021 तक 1.86 लाख करोड़ रुपये की संचयी वित्तीय सहायता प्रदान की।

स्मरणीय है कि पिछले वित्त वर्ष यानी 2020-21 में, एनसीडीसी ने 24,733 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया था। इसके अलावा उक्त वित्तीय वर्ष में एनसीडीसी ने 747 करोड़ रुपये का कर पूर्व शुद्ध लाभ अर्जित किया। संस्था का शुद्ध एनपीए लगातार शून्य प्रतिशत बना हुआ है।

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