ताजा खबरें

पुणे डीसीसीबी की एजीएम संपन्न; एनपीए रहा शून्य

महाराष्ट्र स्थित पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक ने गत सप्ताह अपनी वार्षिक आम बैठक का आयोजन किया, जिसमें 900 से अधिक शेयरधारकों ने भाग लिया। वित्त वर्ष 2019-20 में बैंक ने सभी वित्तीय मापदंडों पर अच्छा प्रदर्शन किया है और बैंक के कारोबार पर कोविड-19 महामारी का कोई खास असर नहीं दिखा है। बैंक ने सकल लाभ के साथ-साथ शुद्ध लाभ में वृद्धि दर्ज की है, इसके अध्यक्ष रमेश थोराट ने एजीएम को संबोधित करते हुए कहा।

दिलचस्प बात यह है कि उद्धव कैबिनेट के तीन मंत्री पुणे डीसीसीबी में निदेशक हैं। इस अवसर पर बोर्ड के निदेशकों में से एक महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार व्यस्त होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके। राज्य के श्रम मंत्री दिलीप वाल्से पाटिल और दत्तात्रेय विठोबा भारने और बोर्ड के अन्य सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।

थोराट ने कहा कि, बैंक का कुल कारोबार 15,618 करोड़ रुपये से बढ़कर 2019-2020 में 16,935 करोड़ रुपये हो गया है। जमा राशि 9,143 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,097 करोड़ रुपये हो गई, जबकि ऋण और अग्रिम 6,474 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,848 करोड़ रुपये हो गए। बैंक का नेटवर्थ 795.32 करोड़ रुपये है। बैंक का सीडी अनुपात 67.20% है और सीआरएआर 12.52% है।

उल्लेखनीय है कि देश-भर के कई डीसीसीबी बढ़ते एनपीए की समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन पुणे डीसीसीबी शून्य नेट एनपीए हासिल करने में सफल रहा है। 2019-20 वित्त-वर्ष में बैंक का सकल एनपीए 8.06% और शुद्ध एनपीए 0% रहा। इससे पहले 2018-19 में बैंक का सकल और शुद्ध एनपीए क्रमशः 13.34% और 2.86% था।

इसके अलावा, वित्त वर्ष 2019-20 में बैंक की संचित निधि 1173 करोड़ रुपये से बढ़कर 1348 करोड़ रुपये हो गयी।

थोरट ने इस मौके पर ग्राहकों, जमाकर्ताओं, किसानों और शुभचिंतकों का धन्यवाद किया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का विश्वास काफी है और बैंक इसको हमेशा बनाए रखने का प्रयास करता है, थोराट ने कहा।

बैंक ने ग्रामीण क्षेत्र, उद्यमियों और वेतनभोगियों की सभी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा किया है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बैंक मुख्य रूप से कृषि और संबद्ध गतिविधियों, महिलाओं के स्व-सहायता समूहों और आम और निम्न आय वर्ग के लोगों को वित्तपोषण कर रहा है।

पुणे जिले में बैंक की 294 शाखाएँ हैं।

Tags
Show More

Related Articles

Back to top button
Close