
इफको के चेयरमैन दिलीप सांघानी ने इफको-एमसी क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड से आह्वान किया है कि वह अपनी सफलता का आकलन केवल टर्नओवर, मुनाफे और कारोबार के विस्तार से न करे, बल्कि यह देखे कि संगठन ने किसानों के जीवन में कितना ठोस और सकारात्मक बदलाव लाया है।
इफको-एमसी के 12वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांघानी ने कहा कि किसी भी कृषि-केंद्रित संस्था की वास्तविक सफलता इस बात से तय होनी चाहिए कि उसने कितने किसानों तक पहुंच बनाई, कितने किसानों की सेवा की और उनके जीवन को बेहतर बनाने में कितना योगदान दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गठित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समिति के सदस्य के रूप में अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए सांघानी ने कहा कि इस जिम्मेदारी ने उन्हें किसानों की जमीनी समस्याओं और उनकी अपेक्षाओं को करीब से समझने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण को सहकारी संस्थाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों के केंद्र में रखा जाना चाहिए।
सहकारिता की भूमिका पर जोर देते हुए सांघानी ने कहा कि सहकारिता किसानों को संगठन की ताकत देती है, उन्हें बाजार से जोड़ती है और सामूहिक रूप से उनके हितों की रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि मजबूत सहकारी संस्थाएं किसानों की सौदेबाजी क्षमता बढ़ाने और उन्हें बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सांघानी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना महत्वपूर्ण है, लेकिन कृषि विकास का आकलन केवल आय के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। किसानों के स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और जीवन की समग्र गुणवत्ता को भी समान महत्व मिलना चाहिए।
नेशनल फेडरेशन ऑफ स्टेट कोऑपरेटिव बैंक्स (नैफ्सकॉब) के चेयरमैन के रूप में अपने अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इस भूमिका ने उन्हें देश और वैश्विक स्तर पर किसानों तथा सहकारी संस्थाओं के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों को समझने में मदद की। उन्होंने इफको-एमसी से अपने गठन के समय निर्धारित उद्देश्यों और प्रतिबद्धताओं की समीक्षा कर अगले चरण की रणनीति को और अधिक किसान-केंद्रित बनाने का आह्वान किया।
अगस्त 2015 में इफको और जापान की मित्सुबिशी कॉरपोरेशन के बीच 51:49 के संयुक्त उपक्रम के रूप में स्थापित इफको-एमसी फसल संरक्षण क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी की 20 से अधिक प्रमुख कृषि राज्यों में मौजूदगी है तथा इसके 8,000 से अधिक चैनल पार्टनर्स और 85 उत्पादों का पोर्टफोलियो है।
कंपनी किसानों को सही कीटनाशक, उसकी उचित मात्रा, इस्तेमाल की विधि और सही समय के बारे में जागरूक करने के साथ प्रशिक्षण, प्रदर्शन और फील्ड कार्यक्रम आयोजित करती है। इसके अलावा, किसान सुरक्षा बीमा योजना के तहत किसानों को आकस्मिक बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाता है।
अगस्त 2026 में चंडीगढ़ में आयोजित स्वर्णारंभ 2026 कार्यक्रम में कंपनी ने अपना पहला सेक्शन 9(3) के तहत पंजीकृत पेटेंटेड फफूंदनाशी ‘मित्सुकी’ और साइट्रस-पील एक्सट्रैक्ट आधारित सिलिकॉन एडजुवेंट ‘नेक्सावेट’ लॉन्च किया।
इफको की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इफको-एमसी का टर्नओवर 365.28 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं कंपनी के लाभ में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह पहली बार 50 करोड़ रुपये के पार पहुंचा।
सांघानी का संदेश स्पष्ट है कि इफको-एमसी की पहचान केवल एक सफल कंपनी के रूप में नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में स्थायी और मापनीय बदलाव लाने वाली संस्था के रूप में होनी चाहिए। यही सहकारिता की भावना और कृषि क्षेत्र की वास्तविक सफलता का पैमाना है, “किसान हित पहले, राष्ट्र हित पहले।”



