
सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सहकारी क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। 27 और 31 अगस्त को नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में आयोजित दो दिवसीय समीक्षा बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर उनकी प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के कंप्यूटरीकरण, नई सहकारी समितियों के गठन एवं निष्क्रिय समितियों के पुनर्जीवन, सदस्यता विस्तार, आंकड़ों के सत्यापन तथा मॉडल उपविधियों को अपनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। सक्रिय और निष्क्रिय सहकारी समितियों से संबंधित आंकड़ों की स्थिति पर भी चर्चा हुई, ताकि सहकारी क्षेत्र से जुड़े डेटा को अधिक विश्वसनीय और प्रभावी बनाया जा सके।
सहकारी संस्थाओं की डिजिटल निगरानी और प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एनसीडी पोर्टल 3.0 तथा एनसीडी जियोटैग मोबाइल एप्लिकेशन की प्रगति भी बैठक के प्रमुख एजेंडों में शामिल रही। इन डिजिटल माध्यमों के जरिए सहकारी संस्थाओं से जुड़े आंकड़ों के सत्यापन, निगरानी और प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में पैक्स के माध्यम से अनाज भंडारण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस पहल का उद्देश्य पैक्स को विकेंद्रीकृत भंडारण व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका देना है, जिससे किसानों को लाभ मिलने के साथ कृषि उपज की आपूर्ति श्रृंखला को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
सहकारी बैंकों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रौद्योगिकी के बेहतर इस्तेमाल और डिजिटल एकीकरण के माध्यम से सहकारी बैंकिंग संस्थाओं को मजबूत करने तथा सदस्यों और ग्राहकों को अधिक प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों से जुड़े आंकड़ों के सत्यापन तथा सदस्यता विस्तार की भी समीक्षा की गई। अधिक से अधिक लोगों को सहकारी संस्थाओं से जोड़ने और सहकारी आंदोलन की पहुंच को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में सहकारी प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता बढ़ाने को भी प्राथमिकता दी गई। बेहतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संस्थागत सहयोग के माध्यम से मानव संसाधन को मजबूत करने की आवश्यकता रेखांकित की गई।
समीक्षा बैठक ने “सहकार से समृद्धि” के दृष्टिकोण के अनुरूप एक मजबूत, समावेशी और तकनीक-सक्षम सहकारी व्यवस्था विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही इन पहलों को ग्रामीण समुदायों और सहकारी सदस्यों के लिए वास्तविक लाभ में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में अपर सचिव पंकज कुमार बंसल और सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव आनंद कुमार झा, रमन कुमार और शिव पाल सिंह सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



