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पैक्स को ‘वन-स्टॉप सर्विस हब’ बनाने पर मंत्रालयों की बैठक

सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक अंतर-मंत्रालयी बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के माध्यम से सरकार की ‘वन स्टॉप शॉप’ (ओएसएस) पहल को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। इस पहल का उद्देश्य देशभर में मौजूद पैक्स के व्यापक नेटवर्क को बहुआयामी ग्रामीण व्यवसाय एवं सेवा केंद्रों के रूप में विकसित करना है।

अटल अक्षय ऊर्जा भवन में आयोजित बैठक में एसजीओएस-1 के घटक विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में पैक्स के व्यापक ग्रामीण नेटवर्क और बढ़ते डिजिटल बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए सरकारी सेवाओं, कल्याणकारी योजनाओं, उत्पादों, प्रशिक्षण तथा बाजार से जुड़ी सुविधाओं को किसानों और ग्रामीण नागरिकों के करीब पहुंचाने पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में संबंधित विभागों से कहा गया कि वे ऐसी योजनाओं और सेवाओं की पहचान करें, जिन्हें पैक्स के माध्यम से उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके बाद इन सेवाओं को उपयुक्त पैक्स और संबंधित भौगोलिक क्षेत्रों के साथ जोड़ा जाएगा। प्रारंभिक चरण में इनका पायलट आधार पर क्रियान्वयन किया जाएगा और सफल रहने पर इन्हें देशभर में विस्तार दिया जाएगा।

इस पहल के तहत पैक्स की भूमिका को केवल ऋण उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें एकीकृत ग्रामीण सेवा केंद्रों के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इससे किसानों और ग्रामीण नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी एवं बाजार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

इस व्यवस्था से ग्रामीण लोगों को अलग-अलग सरकारी एजेंसियों और संस्थानों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो सकती है। साथ ही, पैक्स के लिए नए कारोबारी अवसर और अतिरिक्त आय के स्रोत भी विकसित होंगे।

प्रस्तावित समन्वय के दायरे में खाद्य वितरण, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं किसान कल्याण, उर्वरक, पंचायती राज, उपभोक्ता मामले, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन और भूमि संसाधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

बैठक में सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव सिद्धार्थ जैन सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

‘वन स्टॉप शॉप’ पहल को सरकार द्वारा पैक्स के आधुनिकीकरण और विविधीकरण की व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। देशभर में पैक्स के कंप्यूटरीकरण, डिजिटल सेवाओं और नई आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास पहले से जारी हैं। ऐसे में विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं को एक साझा सहकारी मंच से जोड़ने से पैक्स ग्रामीण भारत में अंतिम छोर तक सेवा पहुंचाने वाले प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।

यह पहल सहकारिता मंत्रालय के व्यापक ‘सहकार से समृद्धि’ दृष्टिकोण के अनुरूप भी है, जिसके तहत सहकारी संस्थाओं को समावेशी ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

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