
इफको और अमूल ने सहकारी एवं बीमा क्षेत्र में नई संभावनाओं की तलाश को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया। इस दिशा में इफको ने सहकारी संस्थाओं के बीच व्यावसायिक तालमेल को मजबूत करने और किसानों तक विभिन्न सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से अहम चर्चा की।
इफको के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल ने बताया कि नई दिल्ली स्थित इफको सदन में अमूल के प्रबंध निदेशक जयन मेहता, इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस के निदेशक (ऑपरेशंस) तात्सुया फुजिमोटो, इफको के निदेशक (एचआर एवं विधि) रमेश कुमार और इफको-टोकियो के बिजनेस एडवाइजर संजीव चोपड़ा के साथ एक सार्थक बैठक हुई।
बैठक में बीमा और सहकारिता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से आपसी सहयोग को मजबूत करने और नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान पर जोर दिया गया।
पटेल ने कहा कि बैठक के दौरान इस बात पर विचार किया गया कि इफको, अमूल और बीमा क्षेत्र की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए ऐसे मॉडल कैसे विकसित किए जाएं, जो सहकारी और बीमा क्षेत्र दोनों के लिए लाभकारी साबित हों। चर्चा में किसानों और ग्रामीण समुदायों से सीधे जुड़े संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में डेयरी और कृषि सहकारी संस्थाओं के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से बीमा सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस, इफको और टोकियो मरीन समूह का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें इफको की 51 प्रतिशत और टोकियो मरीन समूह की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
वर्ष 2000 में स्थापित यह कंपनी मोटर, स्वास्थ्य, यात्रा, आवास, कृषि और व्यावसायिक बीमा सहित कई प्रकार के बीमा उत्पाद उपलब्ध कराती है। कंपनी ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा सेवाओं के विस्तार के लिए ‘बीमा केंद्रों’ का भी संचालन करती है।
पटेल ने विश्वास जताया कि इस चर्चा को आगे बढ़ाते हुए सभी पक्ष मिलकर नए अवसरों का लाभ उठाएंगे और एक मजबूत तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी विकसित करेंगे।



