
त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय (टीएसयू) ने अपने पहले शैक्षणिक सत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पहले बैच का 100 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित किया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में प्रो. (डॉ.) एस. पी. सिंह को पहला पूर्णकालिक कुलपति नियुक्त किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में स्थापित त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय को देश में सहकारी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण का सर्वोच्च संस्थान बनाने की परिकल्पना की गई है। संसद द्वारा पारित अधिनियम के माध्यम से इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट आनंद (इरमा) को परिवर्तित कर इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई तथा इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया।
विश्वविद्यालय के पहले बैच का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट इस बात का संकेत है कि सहकारिता क्षेत्र में पेशेवर और प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
विश्वविद्यालय का लक्ष्य ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए ऐसे युवा पेशेवर तैयार करना है, जो ज्ञान, प्रबंधन कौशल और सहकारिता के मूल्यों के साथ देश के सहकारी तंत्र को नई दिशा दे सकें। विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि ने उसके पाठ्यक्रम और सहकारी संस्थाओं के साथ मजबूत तालमेल पर विश्वास को भी और मजबूत किया है।
इसी बीच, विश्वविद्यालय ने प्रो. (डॉ.) एस. पी. सिंह को अपना पहला पूर्णकालिक कुलपति नियुक्त किया है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले प्रो. सिंह प्रतिष्ठित शिक्षाविद, यूएस फुलब्राइट फेलो तथा कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी जाना जाता है।
हाल ही में गुजरात के आनंद में आयोजित विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने टीएसयू की भूमिका की सराहना करते हुए कहा था कि यह संस्थान सहकारिता क्षेत्र में पेशेवर प्रशिक्षण, अनुसंधान, डिजिटल नवाचार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर सहकारी संस्थाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान भी किया था। विश्वविद्यालय के पहले स्नातक बैच में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने डिग्री प्राप्त की।



