
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हावड़ा फूड पार्क में अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के तहत विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के लक्ष्य के माध्यम से पश्चिम बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ का सपना साकार किया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान और स्वतंत्रता आंदोलन में देश का नेतृत्व किया है, लेकिन लंबे समय तक भ्रष्टाचार और कुशासन के कारण राज्य अपनी पहचान से दूर होता गया। उन्होंने विश्वास जताया कि नई सरकार के नेतृत्व में बंगाल फिर से विकास और समृद्धि के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि अमूल की यह परियोजना राज्य के किसानों और पशुपालकों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। परियोजना के पहले चरण में प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जाएगा, जिससे करीब 1.20 लाख छोटे दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा। पूरी परियोजना के चालू होने पर संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण और 10 लाख किलोग्राम दही एवं अन्य कल्चर्ड डेयरी उत्पादों के उत्पादन की होगी, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन संयंत्र बनाएगी। इस परियोजना में अमूल करीब 700 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अमूल को 30 एकड़ भूमि उपलब्ध कराकर डेयरी क्षेत्र में बड़े निवेश का रास्ता खोला है। इससे लगभग 2.5 लाख पशुपालकों को उनके दूध का बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में नस्ल सुधार केंद्र स्थापित करेगी और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाकर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करेगी।
अमित शाह ने सहकारिता मॉडल की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि अमूल आज दुनिया की नंबर-1 सहकारी संस्था है, जिससे 36 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि अमूल के उत्पादों पर उपभोक्ता द्वारा खर्च किए गए प्रत्येक 100 रुपये में से लगभग 87 रुपये सीधे किसानों और पशुपालकों के बैंक खातों में पहुंचते हैं, जो सहकारिता मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में सहकारी क्षेत्र के आधुनिकीकरण के तहत सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालय का पूर्ण कंप्यूटरीकरण किया गया है। इसके अलावा 10 सहकारी गोदामों का शिलान्यास और 1,400 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों का उद्घाटन किया गया। साथ ही ‘भारत टैक्सी’ पहल के तहत टैक्सी चालकों को कंपनी में हिस्सेदारी देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी कदम उठाया गया।
अमित शाह ने भरोसा जताया कि सहकारिता आंदोलन, आधुनिक डेयरी अवसंरचना और किसानों के लिए नई योजनाओं के माध्यम से पश्चिम बंगाल आने वाले वर्षों में देश की डेयरी अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा और ‘सोनार बांग्ला’ का सपना साकार होगा।



