ताजा खबरें

सीईए ने नेफकार्ड में चार वीसी पद समाप्त करने की वकालत की

सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण (सीईए) ने नेशनल कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक्स फेडरेशन लिमिटेड (नेफकार्ड) को अपने बायलॉज में संशोधन कर उन्हें बहु-राज्यीय सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 तथा उसके तहत बनाए गए संशोधित नियमों के अनुरूप बनाने के निर्देश दिए हैं।

19 जून को नेफकार्ड के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद जारी पत्र में सीईए ने शासन व्यवस्था एवं वैधानिक अनुपालन से जुड़े कई मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मार्च 2028 में प्रस्तावित अगले निदेशक मंडल के चुनाव से पहले इन सभी संशोधनों को पूरा किया जाना आवश्यक है।

सीईए ने कहा कि 19 सदस्यीय सदस्यता-आधारित फेडरेशन होने के कारण, प्राधिकृत शेयर पूंजी के अभाव में नेफकार्ड अपनी उपविधियों में नोमिनल अथवा एसोसिएट सदस्य रखने का प्रावधान नहीं कर सकता। इसलिए सदस्यता संबंधी प्रावधानों में संशोधन किया जाए।

प्राधिकरण ने सदस्यता समाप्ति, अयोग्यता तथा सदस्यता निरस्तीकरण से संबंधित प्रावधानों को भी अधिनियम के अनुरूप संशोधित करने तथा 30 सितंबर 2026 की स्थिति के अनुसार सदस्यों की सूची तैयार कर उसे फेडरेशन की वेबसाइट पर प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं।

सीईए ने यह भी कहा कि प्राधिकृत शेयर पूंजी के अभाव में उपविधियों में ‘लाभ’ संबंधी प्रावधानों में संशोधन किया जाए। साथ ही, वह उपविधि हटाई जाए जिसमें चुनाव स्वयं संस्था द्वारा कराए जाने का प्रावधान है, क्योंकि वर्तमान कानून के अनुसार बहु-राज्यीय सहकारी समितियों के चुनाव कराने का अधिकार सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण को है।

प्राधिकरण ने नेफकार्ड को अपने निदेशक मंडल में निदेशकों की संख्या स्पष्ट रूप से निर्धारित करने, चार उपाध्यक्षों के पद समाप्त करने तथा कैजुअल वैकेंसी से संबंधित प्रावधानों में बहु-राज्यीय सहकारी समितियां अधिनियम की धारा 45(जे) के अनुरूप संशोधन करने के भी निर्देश दिए हैं।

सीईए ने यह भी उल्लेख किया कि बहु-राज्यीय सहकारी समितियां (संशोधन) अधिनियम, 2023 3 अगस्त 2023 से प्रभावी हो गया था और सभी समितियों को 3 अगस्त 2024 तक अपनी उपविधियों में संशोधन कर केंद्रीय निबंधक से अनुमोदन प्राप्त कर लेना चाहिए था। हालांकि, नेफकार्ड ने अपनी उपविधियों में अंतिम संशोधन 25 नवंबर 2024 को किया।

प्राधिकरण ने नेफकार्ड को प्राधिकरण द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर 30 दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह पत्र सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण की स्वीकृति से जारी किया गया है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close