
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में मंगलवार को बताया कि पिछले तीन वर्षों में ओडिशा के 29.5 लाख से अधिक किसान नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से लाभान्वित हुए हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि वह न तो स्वयं नैनो उर्वरक संयंत्र स्थापित करती है और न ही इनके लिए कोई प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता शिविर, खेत प्रदर्शन, किसान सम्मेलन, वेबिनार, क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्में, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसान ड्रोन तथा बैटरी चालित स्प्रेयर जैसे विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर रही है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार नैनो उर्वरकों पर कोई सब्सिडी नहीं देती, लेकिन ओडिशा सरकार राज्य की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। खाद्यान्न, दलहन, मक्का और कपास जैसी फसलों से संबंधित योजनाओं के अंतर्गत किसानों को 500 रुपये से 1,200 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की सहायता दी जा रही है।
मंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान ओडिशा में नैनो उर्वरकों के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। इसके तहत 1,723 किसान बैठकें, 1,802 खेत प्रदर्शन, 531 नैनो डीएपी बीज उपचार अभियान, 38 किसान मेले आयोजित किए गए।



