यूपी उपभोक्ता संघ: द्विवेदी ने वेतन जारी करने का दिया आश्वासन

उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष और बांदा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि संघ के कर्मचारियों का रुका हुआ वेतन जल्द ही जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले दो महीनों में स्थिति बेहतर हो जाएगी, द्विवेदी ने भरोसा जताया।

भारतीय सहकारिता से बातचीत करते हुए द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ से मुलाकात की है और उन्हें संस्था की स्थिति के बारे में अवगत कराया है। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने संघ के संचालन के लिए वित्तीय संकट को कम करने का आश्वासन दिया, द्विवेदी ने बताया।

पाठकों को याद होगा कि उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के कर्मचारी संघ ने वर्तमान अध्यक्ष प्रकाश द्विवेदी पर पिछले छह महीनों से वेतन जारी न करने का आरोप लगाया था और उन्होंने इसके चलते संघ के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया था।

भाजपा विधायक ने भारतीय सहकारिता को बताया कि “मैंने मुख्यमंत्री से संस्था में प्रबंध निदेशक की नियुक्ति के लिए भी आग्रह किया है क्योंकि वर्तमान में संस्था बिना एमडी के चल रही है। विधायक ने माना कि कर्मचारियों के वेतन में देरी हुई है और उनका करीब 4 करोड़ रुपये बकाया है।

द्विवेदी ने पूर्व समाजवादी सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि “जब राज्य में समाजवादी सरकार थी तो इन्होंने धान और गेहूं की खरीदी का काम संस्था से छीन लिया था जो संस्था की आय का मुख्य साधन था। यही कारण है कि संस्था आज वित्तीय संकट से जूझ रही है, उन्होंने कहा।

“संस्था के इतिहास में पहली बार ऐसा नहीं हुआ कि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा हो। कई बार कर्मचारियों ने ऐसी स्थिति का सामना अतीत में भी किया है”, द्विवेदी ने कहा।

हालांकि, कर्मचारी संघ ने अध्यक्ष द्विवेदी पर चुनाव में हेराफेरी और अपने रिश्तेदारों को संस्था की सत्ता पर काबिज कराने का भी आरोप लगाया है। बातचीत में इस बात का द्विवेदी ने पूरजोर खंडन किया।

वहीं कर्मचारी संघ ने अपनी आपबीती की कहानी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और राज्य के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा को भी पत्र लिखकर साझा किया लेकिन अभी तक उन्हें उनके पत्र का जवाब नहीं मिला। दोनों महारथी अभी तक मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं, संघ के कर्मचारियों ने बताया।

उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड का पंजीकरण बहु-राज्य कॉपरेटिव एक्ट 2002 के तहत हुआ था और इसका व्यापार दो राज्य उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फैला हुआ है।

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