इफको ने विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया

प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए इफको ने रविवार को गुरुग्राम में विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया। इफको और आई.एफ.एफ.डी.सी. ने यह आयोजन गुरुग्राम के एफ.एम.डी.आई., अेडिटोरियम में किया। इस कार्यक्रम में जलज श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव, कृषि सहकारिता एवं परिवार कल्याण विभाग मुख्य अतिथि थे।

पाठकों को याद होगा कि संयुक्त राष्ट्र और एफएओ ने हाल ही में शहद और मधुमक्खी पालन के बारे में विश्व में जागरूकता फैलाने के लिए 20 मई को विश्व मधुमक्खी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है।

इस अवसर पर श्रीवास्तव  ने कहा कि, "वर्तमान सरकार द्वारा भी मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिये जाने कि लिये विभिन्न योजनाएं चलायी जा रही हैं"।

"कृषि में मधुमक्खी पालन का बहुत अधिक महत्व है एक तरफ जहां इससे अतिरिक्त आय किसानों को प्राप्त होती है वहीं दुसरी तरफ कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है। किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य प्राप्ति मे मधुमक्खी पालन का प्रमुख स्थान है। इफको एवं आई.एफ.एफ.डी.सी. कृषि वानिकी को बढ़ावा देने एवं किसानो के उत्थान के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रही है जो अत्यन्त सराहनीय है, श्रीवास्तव ने बताया।

योगेद्र कुमार, विपणन निदेशक, इफको ने इस अवसर पर अवगत कराया कि इफको एवं इफको की सह संस्था आई.एफ.एफ.डी.सी. ग्रामीण क्षेत्रों के विकास एवं किसानों के हित के लिये विभिन्न कार्य कर रही है माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिये सभी किसानों से अपील की है इसी तर्ज पर इफको एवं आई.एफ.एफ.डी.सी. द्वारा मधुमक्खी पालन को बढ़ाने के लिये केन्द्रित योजना चलाई जा रही है इसके सफल परिणाम हमें पूर्व मे प्राप्त हुये है।

“हमे इस संदर्भ में किसानों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। हम पूरे देश में 4 करोड़ से अधिक किसानों को इफको से जोड़ चुके हैं। उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इफको सदा प्रयत्नशील है, कुमार ने रेखांकित किया।

पाठकों को याद होगा कि इफको की स्थापना 1967 में केवल 57 सहकारी समितियों से हुई थी। आज इफको के साथ 36,000 सहकारी समितियां जुड़ी हुई हैं और अपने कारोबार को विभिन्न क्षेत्र जैसे इंश्योरेंस, ग्रामीण दूरसंचार के अलावा उर्वरक क्षेत्र में ये लगातार बढा रही है। इफको की 17 सहायक कंपनियां किसानों और ग्रामीणों के लिए काम कर रही हैं। इफको की भारत में 5 इकाइयां है और तीन इकाइयां भारत से बाहर है। इफको की वेबसाइट की माने तो यह 5.5 मिलियन से अधिक किसानों के जीवन में बदलाव लाने पर काम कर रही है।

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