केरल: सहकारी कांग्रेस में मंत्रिमंडल के लिए ड्राफ्ट तैयार

आठवें सहकारी कांग्रेस में केरल राज्य के सहकारी आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए सहकारी नीति का ड्राफ्ट तैयार किया गया। उम्मीद है कि सहकारी नीति का ड्राफ्ट 21 फरवरी को केरल मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा, सहकारिता मंत्री कदकंपली सुरेंद्रन ने दावा किया।

नई सहकारी नीति में क्रेडिट सहकारी संस्थाओं के लिए प्रोफेशनल लेखा परीक्षा प्रणाली, डीसीसीबी का केरल को-ऑप बैंक में एकीकरण और राज्य के सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। इससे पहले मुंख्यमंत्री पीनाराय विजयन ने राज्य के सहकारिता आंदोलन को कमजोर करने में मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

राज्य में सक्रिय सहकारी समितियों के अलावा, कई राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सहकारी कांग्रेस में आमंत्रित किया गया था जिसमें एनसीयूआई के मुख्य कार्यकारी एन.सत्यनारायण, फिशकोफॉड के प्रबंध निदेशक बी.के.मिश्रा और आईसीए के बालू अय्यर शामिल थें।

भारतीय सहकारिता से बातचीत में फिशकोफॉड के प्रबंध निदेशक बी.के.मिश्रा ने कहा कि “कार्यक्रम का आयोजन संगठित तरीके से किया गया। सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हर राज्य में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। इस मौके पर मिश्रा ने मत्स्य क्षेत्र पर प्रेजेंटेशन दी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र को डेयरी क्षेत्र की तर्ज पर आगे बढ़ाने की बात कही थी।

कदकंपली सुरेंद्रन ने कहा कि कांग्रेस के दौरान सहकारी नीति पर तैयार ड्राफ्ट को मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। "राज्य में 90 प्रतिशत से अधिक सहकारी बैंक नुकसान में थे और इन बैंकों का विलय करके केरल सहकारी बैंक की स्थापना करने से राज्य के लोगों को फायदा होगा", मंत्री ने रेखांकित किया। उन्हें भरोसा है कि इस साल अक्टूबर तक नए बैंक का संचालन शुरू हो जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस समारोह में 3000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और करीब एक लाख से ज्यादा लोगों ने रैली निकालकर समारोह का समापन किया। केरल और पुडुचेरी के सहकार मंत्री कदकंपली सुरेंद्रन और एम कंडस्वामी सेलूर के राजू भी उपस्थित थे।

अगला सहकारी कांग्रेस का आयोजन 2021 में किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Facebook

Twitter