इफको: दिलीप संघानी बोर्ड में शामिल

दिल्ली में गत शुक्रवार को दुनिया की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्था इफको की बोर्ड में गुजरात के दिग्गज सहकारी नेता और गुज्कोमासोल के अध्यक्ष दिलीपभाई संघानी को सर्वसम्मति से चुना गया। वहीं जीत से उत्साहित संघानी ने इफको की मदद से देश में गरीबी से लड़ने की वकालत की।

बता दें कि उर्वरक सहकारी समिति की बोर्ड में तीन पद खाली थें, जिसके लिए गत शुक्रवार निर्वाचन अधिकारी एच.पी.जेमिनी की उपस्थिति में चुनाव हुआ। संघानी के अलावा, दो विजेताओं में कर्नाटक राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (केएससीएमएफ) से डॉ एम.एन.राजेन्द्र कुमार और हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ लिमिटेड से शेखर विद्यार्थी शामिल थें।

दिलीप संघानी, गुजरात राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (गुज्कोमासोल) से नॉमिनी थे, जिसका पहले नेतृत्व नातु पटेल करते थे और गुज्कोमासोल का चुनाव हारने के बाद उन्हें बाहर का रास्ता देखना पड़ा।

चुनाव के तुरंत बाद संघानी ने कहा कि इफको के साथ जुड़ने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करने में उन्हें मदद मिलेगी। संघानी किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रहे थे। प्रधानमंत्री के निकट सहयोगी माने जाने वाले सांघनी ने विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण भारत के परिद्दश्य को बदलने में इफको की भूमिका को सराहा।

इफको के प्रबंध निदेशक डॉ यू.एस.अवस्थी ने अध्यक्ष बी.एस.नकाई और बोर्ड के सदस्यों के साथ संघानी को गुलदस्ता देकर बधाई दी और अंग्रेजी में ट्वीट किया कि “आज इफको की बोर्ड में गुज्कोमासोल के अध्यक्ष दिलीपभाई संघानी को चुना गया हैं। दिलीपभाई संघानी को चुनाव जीतने पर हार्दिक बधाई”।

संघानी को सच्चे सहकारी नेता बताते हुए अवस्थी ने आगे लिखा “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दिलीप संघानी जो वरिष्ठ सहकारी नेता के साथ-साथ गुज्कोमासोल के अध्यक्ष है उन्होंने इफको की सराहना की और कहा कि 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी करने में इफको अहम योगदान देगी”।

संघानी नरम स्वभाव के एक सरल व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं और इफको की बोर्ड में उनका प्रवेश महत्वपूर्ण राजनीति घटना मानी जा रही है। यह इफको में भाजपा के प्रति बढ़ते विश्वास का भी संकेत है, एक सहकारी नेता ने कहा।

दिलीप संघानी का नाफेड के उपाध्यक्ष और सहकारी बैंकों की शीर्ष संस्था नेफस्कॉब के अध्यक्ष के रूप में चुने जाने से राष्ट्रीय सहकारी परिद्दश्य पर वे काफी लोक प्रिय हो गए हैं।

लेकिन कई लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी से निकटता के कारण उन्हें सहकारी हलकों में एक वजनदार नेता के रूप में गिना जाता है।“नाफेड को पुनर्जीवित करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है”, एक सहकारी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा।

इफको बोर्ड का चुनाव जीतने के बाद संघानी देर रात अहमदाबाद पहुंचे जहां उनके समर्थकों ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके कुछ प्रशंसकों ने भारतीय सहकारिता के साथ तस्वीरें साझा की जिसमें भारी भीड़ उनका हवाई अड्डे पर स्वागत करती हुई दिख रही है।

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