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नेफकॉब अध्यक्ष ने यूसीबी को पूंजी संरक्षण की दी सलाह

सहकार भारती ने पिछले सप्ताह “रेलेवंस ऑफ यूसीबी एंड रीसेंट डेवलपमेंट” विषय पर एक फेसबुक लाइव का आयोजन किया था जहाँ इसके संरक्षक और नेफकॉब अध्यक्ष ज्योतिंद्रभाई मेहता ने कोविड –19 के बाद पूंजी के संरक्षण के लिए लाभांश का वितरण नहीं करने का आग्रह किया। 

अपने 40 मिनट के भाषण मेंमेहता ने कहा कि, “पूंजी आरक्षित रखने की आवश्यकता है और मैं सहकारी बैंकों से इस वर्ष के लाभांश भुगतान को रोकने का आग्रह करता हूँ। आने वाले दिनों में व्यापार की कमी होगीइसलिए भविष्य के लिये पूंजी आरक्षित करने की तत्काल आवश्यकता है।

इसके अलावानेफकॉब अध्यक्ष ने कई प्रगतियों पर ध्यान केंद्रित किया जो सहकारी बैंकों के लिए गेम चेंजर होंगी। हालिया घटनाक्रम पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, “बैंकों में जमा लाख से लाख तक के लिए डीआईसीजीसी कवर बढ़ाने की हमारी लंबे समय से लंबित मांग पूरी हो गई है। यह सहकारी बैंकों के बीच जनता के विश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा

एक और बड़ी प्रगति यह है कि अब सरफेसी अधिनियम सहकारी बैंकों पर लागू हो गया हैजिससे बैकों को ऋण की वसूली में अधिनियम के तहत मदद मिलेगी।”

उन्होंने आगे कहा किअन्य बड़ी प्रगति शहरी सहकारी बैंकों और क्रेडिट सोसाइटियों के लिए अम्ब्रेला संगठन हैजिसका जन्म “एपेक्स कॉप फाइनेंस एंड डेवलपमेंट लिमिटेड” के रूप में हुआ है, जिसका पंजीयन कंपनी अधिनियम के तहत किया गया है। यह देश भर के सहकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए गेम चेंजर होगा।

इन घटनाक्रमों के अलावामेहता ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों (सीजीटीएमएसईके लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट द्वारा सभी यूसीबी के लिए क्रेडिट गारंटी कवर के विस्तार के बारे में दर्शकों को सूचित किया, जिसके तहत सभी सहकारी बैंकों को 2 करोड़ रुपये तक के अग्रिमों के क्रेडिट गारंटी कवर प्राप्त करने की अनुमति होगी। पहले सीजीटीएमएसई केवल अनुसूचित बैंकों पर लागू होता थालेकिन अब डीसीसीबी सहित सभी को-ऑप बैंक इसका लाभ उठा सकते हैं।

देश में सहकारी बैंकों का एक विशाल नेटवर्क है। जैसा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत को लोकल प्रोडक्ट्स उपयोग करने का आग्रह किया है और इस दिशा में सहकारी बैंकक्रेडिट सोसाइटीडीसीसीबीअमूलकृभको और यहां तक कि इफको भी इसका उदाहरण हैं।

इस बीचमेहता ने राज्य के सहकारी नेटवर्क के माध्यम से छोटे उधारकर्ताओं को एक नगण्य ब्याज दर पर एक लाख तक का ऋण देने के गुजरात मॉडल के बारे में भी बात की।

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