
सहकारी क्षेत्र अब कृषि और ग्रामीण ऋण की पारंपरिक भूमिका से आगे बढ़ते हुए अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भागीदारी बढ़ा रहा है।
इसी क्रम में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) के रेलवे कैटरिंग क्षेत्र में प्रवेश की तैयारी को सहकारिता क्षेत्र के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित पहल के तहत वंदे भारत सहित अन्य प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को नेफेड के माध्यम से खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
यह पहल नेफेड की विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है और सहकारी संस्थाओं को सीधे लाखों उपभोक्ताओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करती है। नेफेड पहले से ही कृषि विपणन, प्रसंस्करण, भंडारण, खुदरा कारोबार तथा अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसी गतिविधियों में सक्रिय है।
सहकारी क्षेत्र को आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाने की दिशा में राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 भी व्यापक लक्ष्य निर्धारित करती है। नीति के अनुसार, देश में आठ लाख से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनसे करीब 30 करोड़ लोग जुड़े हैं।
नेफेड ने कृषि उपज की खरीद और विपणन से आगे बढ़ते हुए खुदरा कारोबार, संस्थागत आपूर्ति, जैविक उत्पादों तथा 1,200 से अधिक एफपीओ के विकास में भी अपनी भूमिका का विस्तार किया है।
रेलवे सेवाओं में प्रस्तावित प्रवेश महज कैटरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सहकारी संस्थाओं के उपभोक्ता-केंद्रित सेवाओं में बढ़ते विस्तार का एक उदाहरण बन सकता है। इससे किसानों और उत्पादक संगठनों से जुड़े उत्पादों के लिए नए बाजार विकसित करने तथा मूल्यवर्धन की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
उर्वरक, डेयरी, बीज, निर्यात, खाद्य प्रसंस्करण, खुदरा और परिवहन जैसे क्षेत्रों के साथ सहकारिता की यह बढ़ती मौजूदगी ‘सहकार से समृद्धि’ के व्यापक दृष्टिकोण को नई दिशा दे रही है।



