
महाराष्ट्र स्थित कल्याण जनता सहकारी बैंक ने 91 लाख रुपये के फर्जी स्वर्ण ऋण प्रकरण में कड़ी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनंत कुलकर्णी ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले में 42 व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है तथा संभावित हानि को ध्यान में रखते हुए 91 लाख रुपये की राशि का प्रावधान कर लिया गया है।
यह मामला बैंक की वारजे एवं बिबवेवाड़ी शाखाओं में प्रकाश में आया, जहां कुल 41 ऋण खातों के अंतर्गत गिरवी रखे गए स्वर्ण आभूषणों का पुनः सत्यापन किया गया। जांच में पाया गया कि जमानत के रूप में जमा किए गए आभूषण पूर्णतः नकली थे। तत्कालीन स्वर्ण मूल्यांकक के प्रमाणीकरण के आधार पर 8.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से कुल 91 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए थे। बाद में ये खाते अनुपादक परिसंपत्तियों में परिवर्तित हो गए।
बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आंतरिक जांच एवं सत्यापन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।



