
तमिलनाडु के सहकारिता विभाग ने बड़ी राहत देते हुए शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) और शहरी सहकारी ऋण समितियों (यूसीसीएस) के माध्यम से दिए जाने वाले आवास ऋण की सीमा बढ़ाने के साथ-साथ पुनर्भुगतान की अवधि में भी विस्तार किया है।
संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, 100 करोड़ रुपये से कम जमा राशि वाले टियर-1 शहरी सहकारी बैंक अब व्यक्तिगत आवास ऋण के रूप में अधिकतम 60 लाख रुपये दे सकेंगे। वहीं, 100 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि वाले टियर-2 शहरी सहकारी बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्धारित मानदंडों के अनुरूप अधिकतम 1.40 करोड़ रुपये तक का आवास ऋण उपलब्ध करा सकेंगे।
इसी प्रकार, शहरी सहकारी ऋण समितियों के लिए भी आवास ऋण की सीमा बढ़ाई गई है। 100 करोड़ रुपये से कम जमा राशि वाली समितियां अब 60 लाख रुपये तक, जबकि 100 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि वाली समितियां 1 करोड़ रुपये तक का आवास ऋण दे सकेंगी।
इसके अलावा, शहरी सहकारी बैंक और शहरी सहकारी ऋण समितियां आवास एवं बंधक ऋणों के पुनर्भुगतान के लिए अधिकतम 20 वर्ष की अवधि निर्धारित कर सकेंगी।
सहकारी संस्थाओं को अपनी ऋण नीतियों और उपविधियों में आवश्यक संशोधन करने तथा संबंधित क्षेत्रीय उप-पंजीयक से अनुमोदन प्राप्त करने की सलाह दी गई है।



