
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य में पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों के प्रभावी विकल्प के रूप में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, फसल उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को बेहतर कृषि परिणाम दिलाने में सहायक साबित हो रहे हैं।
गरियाबंद जिले के दर्रापारा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक और बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में 515 पैक्स शुरू किए जा चुके हैं, जिससे सहकारी नेटवर्क मजबूत हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की कृषि आदानों तक पहुंच बेहतर हुई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश अपनी डीएपी और यूरिया की आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिन्हें अधिक प्रभावी और टिकाऊ विकल्प माना जा रहा है।



