
पुणे स्थित वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (वामनिकॉम) ने पिछले सप्ताह शनिवार को शिवनेरी सभागार में पीजीडीएम–एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट (31वां बैच) के लिए 17वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया।
इस अवसर पर 31वें बैच के 93 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट) की उपाधि प्रदान की गई। बैच के तीन मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। ये पदक भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल द्वारा प्रदान किए गए, जो समारोह के मुख्य अतिथि थे।
पीजीडीएम-एबीएम कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा अनुमोदित है, भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) द्वारा एमबीए के समकक्ष मान्यता प्राप्त है तथा राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए), नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त है।
वामनिकॉम की प्रभारी निदेशक एवं राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (एनसीसीटी), नई दिल्ली की सचिव मिनू शुक्ला पाठक (आईआरएस) ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के अभिभावकों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि मुख्य अतिथि ने नव-निर्मित शिवनेरी सभागार का उद्घाटन भी किया। साथ ही उन्होंने दो वर्षीय पीजीडीएम-एबीएम पाठ्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा किए गए शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. डी. रवि, संयुक्त कार्यक्रम निदेशक ने पदक विजेताओं की घोषणा की। 31वें बैच में किशोर मनोग्ना सुंदरी ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर एनसीयूआई मेरिटोरियस गोल्ड मेडल हासिल किया। कर्नाटी भानु श्री को एनसीयूआई मेरिटोरियस छात्रवृत्ति के साथ रजत पदक तथा पसमार्थी मोनिका सिरी को कांस्य पदक प्रदान किया गया।
दीक्षांत भाषण में मुरलीधर मोहोल ने 31वें बैच के सभी 93 विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। “सहकार से समृद्धि” के विजन के तहत इस क्षेत्र में व्यापक सुधार और विकास हो रहा है।
समारोह के अंत में वामनिकॉम के कुलसचिव डॉ. एस. धर्मराज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि एवं संस्थान नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया तथा समारोह की सफलता में योगदान देने वाले सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। साथ ही शिवनेरी सभागार के समयबद्ध निर्माण के लिए सीपीडब्ल्यूडी अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।



