
सहकारिता और दुग्ध क्षेत्र में प्रौद्योगिकी आधारित विकास को गति देते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने बुधवार को आनंद में अमूल की कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पहल “अमूल एआई” का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी, कृषि एवं सहकारिता मंत्री जीतुभाई वाघाणी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमणभाई सोलंकी, वित्त राज्य मंत्री कमलेशभाई पटेल, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक चौधरी, प्रबंध निदेशक जयन मेहता सहित सहकारिता क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारी और अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
“अमूल एआई” डिजिटल मंच विशेष रूप से गुजरात के दुग्ध उत्पादकों, खासकर महिला दुग्ध उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
इस पहल के माध्यम से पशुपालक अब गुजराती भाषा में पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण कार्यक्रम, रोग पहचान एवं उपचार, पोषण योजना और वैज्ञानिक प्रजनन पद्धतियों संबंधी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, डेयरी एवं पशुपालन से संबंधित सरकारी योजनाओं, अनुदानों और विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध होगी।
यह पहल ‘सहकार से समृद्धि’ की भावना को साकार करती है, जिससे दुग्ध उत्पादक अपनी उत्पादकता बढ़ा सकें, जोखिम कम कर सकें और आय में वृद्धि कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान गुजरात के विभिन्न जिलों से आई अमूल की महिला सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को एक विशेष राखी भेंट की। उन्होंने भारत–अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते और केंद्रीय बजट 2026–27 सहित किसान-हितैषी पहलों की सराहना की, जिनमें सहकारिता और दुग्ध क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि श्वेत क्रांति की ऐतिहासिक भूमि आनंद में यह पहल एक नई तकनीकी उपलब्धि है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रौद्योगिकी आधारित सुधार देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गुजरात का सहकारी क्षेत्र नवाचार और तकनीक आधारित विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।



