
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में भारत की पहली सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, मुरलीधर मोहोल, सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभर से आए 1,200 से अधिक “सारथियों” (ड्राइवर पार्टनर्स) की भागीदारी ने इस मॉडल को लेकर व्यापक समर्थन को दर्शाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए मालिकाना हक आधारित मॉडल विकसित कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार टैक्सी व्यवसाय में नहीं, बल्कि सहकारिता टैक्सी क्षेत्र में प्रवेश कर रही है, जहां असली मालिक ड्राइवर स्वयं होंगे। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में कश्मीर से कन्याकुमारी तक सहकार टैक्सी टैक्सी सारथियों के कल्याण का बड़ा माध्यम बनेगी।
शाह ने कहा कि भारत टैक्सी संभवतः दुनिया का पहला ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां किसी व्यक्ति या कंपनी के बजाय सारथी ही सहकारी संस्था के वास्तविक मालिक हैं। मात्र 500 रुपये की शेयर पूंजी से जुड़कर ड्राइवर मालिक बनते हैं। भारत टैक्सी कुल मुनाफे का केवल 20 प्रतिशत परिचालन के लिए रखेगी, जबकि शेष आय सीधे सारथियों के खाते में जाएगी। कोई प्लेटफॉर्म फीस या भारी कमीशन नहीं लिया जाएगा और ग्राहक द्वारा किया गया भुगतान तुरंत ड्राइवर के खाते में ट्रांसफर होगा।
उन्होंने कहा कि अब तक टैक्सी का पहिया किसी और की कमाई बढ़ाता था, लेकिन अब वही पहिया सारथियों की समृद्धि और आत्मसम्मान का माध्यम बनेगा। हर पांच वर्ष में चुने गए सारथी प्रतिनिधि बोर्ड में बैठकर फैसले लेंगे, जो सहकारिता की सच्ची भावना को दर्शाता है।
भारत टैक्सी में चार पहिया, तीन पहिया और दो पहिया वाहन शामिल होंगे। महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए ‘सारथी दीदी’ अवधारणा शुरू की गई है, जिसमें महिलाएं केवल महिला ड्राइवर के साथ सुरक्षित यात्रा कर सकेंगी।
शाह ने बताया कि भारत टैक्सी ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, डीएमआरसी, एयरपोर्ट अथॉरिटी, आईएफएफसीओ टोकियो, एसबीआई, पेटीएम सहित नौ प्रमुख संस्थाओं के साथ एमओयू किए हैं। इन समझौतों से डिजिटल भुगतान, बीमा, फाइनेंस, एयरपोर्ट और मेट्रो कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं मजबूत होंगी।
उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल एक सेवा नहीं, बल्कि स्वामित्व, सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि पर आधारित एक नया सहकारी प्रयोग है, जो देश के लाखों गिग वर्कर्स के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।



