
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के तुअर (अरहर) किसानों के हित में एक अहम निर्णय लेते हुए राज्य से 3.37 लाख मीट्रिक टन तुअर की खरीद को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी महाराष्ट्र के विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने दी।
यह निर्णय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्री जयकुमार रावल के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया। इस कदम से महाराष्ट्र के तुअर उत्पादक लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने कहा कि 2025–26 विपणन वर्ष के दौरान किसानों से तुअर की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। किसानों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 20 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और यह 20 फरवरी 2026 तक खुली रहेगी।
तुअर की खरीद केंद्र सरकार की एजेंसियों नेफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से की जाएगी, जो महाराष्ट्र राज्य सरकार के समन्वय से कार्य करेंगी। सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में 934 खरीद केंद्र सक्रिय कर दिए गए हैं।
मंत्री जयकुमार रावल ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और किसान-हितैषी बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो राज्य में उत्पादित 100 प्रतिशत तुअर की खरीद के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
किसानों की भागीदारी को सरल और व्यापक बनाने के लिए नेफेड और एनसीसीएफ ने हाल के वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मजबूत किया है, जिनके माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण, खरीद और एमएसपी के तहत सीधे बैंक खातों में भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
वहीं, नेफेड ‘नैफेक्स डॉट इन ’ ई-नीलामी पोर्टल शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य खरीदी गई उपज की बिक्री को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।



