
इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) द्वारा मध्य प्रदेश के मुरैना में आयोजित एक विशाल किसान सम्मेलन में किसानों, सहकारी नेताओं और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। सम्मेलन में कृषि विकास, किसान कल्याण और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने में सहकारिता की बढ़ती भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यक्रम के साथ किसानों और ग्रामीणों के लिए नि:शुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का भी आयोजन किया गया, जो सहकारिता क्षेत्र की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है। कार्यक्रम में दिलीप संघाणी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता नरेंद्र सिंह तोमर ने की।
अपने संबोधन में संघाणी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन के तहत सहकारिता आंदोलन को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्रालय के गठन से देश में सहकारिता तंत्र और मजबूत हुआ है।
उन्होंने अमित शाह के नेतृत्व में बीज, जैविक खेती और निर्यात जैसे क्षेत्रों में नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों के गठन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहलें किसानों को बेहतर बाजार और अवसर प्रदान करने में सहायक हैं।
संघाणी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय कृषि में सकारात्मक बदलाव आ रहा है, जिसमें नवाचार और तकनीक की अहम भूमिका है। उन्होंने इफको द्वारा विकसित नैनो उर्वरकों को कृषि उत्पादकता बढ़ाने और पर्यावरणीय प्रभाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
उन्होंने कहा कि इफको के नैनो उर्वरकों ने पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता बढ़ाई है और किसानों की लागत कम करने में मदद की है। उन्होंने यह भी बताया कि इफको का नैनो यूरिया अब लगभग 40 देशों में निर्यात किया जा रहा है, जो सहकारिता क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
कार्यक्रम में किसानों के स्वास्थ्य और कल्याण पर भी विशेष जोर दिया गया। आयोजित नेत्र जांच और मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ किसान ही समृद्ध कृषि क्षेत्र की नींव हैं। इस तरह के चिकित्सा शिविर न केवल ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारते हैं, बल्कि सहकारिता क्षेत्र की सामाजिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं।
सम्मेलन के दौरान नेताओं ने किसानों के साथ संवाद कर आधुनिक कृषि तकनीकों, सहकारिता सिद्धांतों और ग्रामीण समृद्धि को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने कहा कि इस कार्यक्रम से नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण इफको के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी किया गया, जिससे देशभर के किसान और सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोग इस आयोजन से जुड़ सके।



