
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि सरकार छोटे और सीमांत किसानों के बीच सहकारी पहलों की जागरूकता और पहुंच बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के माध्यम से प्रयास तेज कर रही है।
लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, जो सहकारिता मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक संस्था है, ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी योजनाओं की पहुंच मजबूत करने के लिए व्यापक विस्तार कार्यक्रम चला रहा है। इस पहल में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जागरूकता अभियान के तहत निगम नियमित रूप से कृषि और सहकारिता से जुड़ी पत्रिकाओं जैसे कृति कल्प, गौ कृषि तथा नेशनल फेडरेशन ऑफ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक्स एंड क्रेडिट सोसाइटीज (नैफकब) के प्रकाशनों में विज्ञापन प्रकाशित करता है। इसके अलावा इंडिया टुडे और आउटलुक जैसी मुख्यधारा की पत्रिकाओं में भी प्रचार किया जाता है। निगम अपनी योजनाओं का प्रचार समाचार पत्रों और किसान-केंद्रित पोर्टलों के माध्यम से भी करता है।
अमित शाह ने बताया कि एनसीडीसी सोशल मीडिया मंचों, एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब, पर भी सक्रिय है, जहां वह “सहकार कूपट्यूब एनसीडीसी इंडिया” चैनल के माध्यम से योजनाओं, सफलताओं की कहानियों और सहकारी पहलों से जुड़ी जानकारी साझा करता है।
निगम सहकार भारती, एग्री विजन, कृषि विज्ञान कांग्रेस, फूड एंड बेवरेज एक्सपो और कोको फेस्ट जैसे ग्रामीण एवं सहकारी कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और कार्यशालाओं में प्रायोजन और भागीदारी के माध्यम से जमीनी स्तर के सहकारी संगठनों के साथ संपर्क मजबूत कर रहा है।
क्षमता निर्माण के लिए एनसीडीसी के प्रशिक्षण संस्थान लक्ष्मणराव इनामदार राष्ट्रीय सहकारी अनुसंधान एवं विकास अकादमी (लिनैक) तथा देशभर में स्थित 19 क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से प्राथमिक सहकारी संस्थाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मंत्री के अनुसार वर्ष 2022-23 में 245 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 18,334 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वर्ष 2023-24 में 98 कार्यक्रमों के माध्यम से 3,941 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 666 कार्यक्रमों तक पहुंच गई, जिनमें 1,41,210 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
अमित शाह ने सदन को यह भी बताया कि एनसीडीसी द्वारा प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता गतिविधियों पर वर्ष 2022-23 में 79.70 लाख रुपये और 2023-24 में 28.64 लाख रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2024-25 में यह व्यय बढ़कर 1.11 करोड़ रुपये हो गया, जिसका उद्देश्य सहकारी तंत्र को मजबूत करना और ग्रामीण हितधारकों के बीच सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।



