ताजा खबरें

सौंदर्य सौहार्द कोऑप पर लगे आरोपों को मंजीप्पा ने सिरे से किया खारिज

कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित सौंदर्य सौहार्द क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी पर वित्तीय अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग को लेकर शिकायत दर्ज होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है। हालांकि, सोसायटी के अध्यक्ष पी. मंजीप्पा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें झूठा, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

मंजीप्पा ने भारतीय सहकारिता से बातचीत में कहा, “ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं। कुछ लोग पिछले कई वर्षों से सोसायटी की निरंतर प्रगति और स्थिरता को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि सौंदर्य एक सौहार्द क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी है, जो कर्नाटक राज्य सौहार्द सहकारी अधिनियम के तहत संचालित होती है। “जमाकर्ताओं का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। सोसायटी के पास 70 करोड़ रुपये से अधिक का रिजर्व और सरप्लस है तथा पिछले वित्त वर्ष में सदस्यों को 15 प्रतिशत लाभांश भी दिया गया,” उन्होंने कहा।

मंजीप्पा ने स्वीकार किया कि सहकारी अधिकारियों द्वारा कुछ प्रक्रियात्मक खामियों की ओर ध्यान दिलाया गया है, लेकिन किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, “हमने अधिकारियों की सभी आपत्तियों को स्वीकार किया है और मार्च तक आवश्यक सुधार पूरे करने तथा स्पष्टीकरण देने के लिए समय मांगा है। सोसायटी में किसी प्रकार का धन दुरुपयोग नहीं हुआ है।”

अपने व्यक्तिगत ऋणों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी ऋण पूरी तरह सुरक्षित और पर्याप्त जमानत के साथ लिए गए हैं। “मैंने 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां गिरवी रखी हैं। मैं 1980 से व्यवसाय में हूं और होटल, स्कूल, शैक्षणिक संस्थान तथा एक लॉ कॉलेज संचालित करता हूं। मेरी व्यक्तिगत संपत्ति पूरी तरह पारदर्शी और विधिवत दस्तावेजों में दर्ज है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पुत्र कीर्तन कुमार के सक्रिय राजनीति में प्रवेश के बाद यह साजिश रची गई है। “यह कुछ लगाए गए सदस्यों और स्थानीय प्रतिद्वंद्वियों द्वारा मेरी छवि और सोसायटी की साख को नुकसान पहुंचाने का जानबूझकर किया गया प्रयास है। सभी बोर्ड सदस्य, जिनमें परिवार के सदस्य भी शामिल हैं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुने गए हैं,” मंजीप्पा ने कहा।

उन्होंने सोसायटी की वित्तीय स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि सदस्यों का भरोसा कायम है। “हमारा कुल व्यवसाय लगभग 260 करोड़ रुपये का है और वर्ष 2024-25 में करीब 3 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया गया है” उन्होंने कहा।

उल्लेखनीय है कि सोसायटी के एक सदस्य शंकरगौड़ा द्वारा दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक ही संपत्ति के खिलाफ बार-बार ऋण स्वीकृत किए गए तथा परिवार के सदस्यों को 42 करोड़ रुपये के ऋण दिए गए, जो सोसायटी के कुल ऋण पोर्टफोलियो का लगभग 23 प्रतिशत बताया गया है। शिकायत में उपाध्यक्ष सुनीता, जो अध्यक्ष की पत्नी हैं, पर भी एक ही जमानत पर कई ऋण लेने के आरोप लगाए गए हैं।

संयुक्त पंजीयक, सहकारी समितियों की रिपोर्ट के बाद यह मामला अब बेंगलुरु पुलिस आयुक्त तक पहुंच गया है, जिससे कर्नाटक में सौहार्द क्रेडिट को-ऑपरेटिव संस्थाओं की शासन व्यवस्था पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित हुआ है।

सोसायटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे बैंक बताया जा रहा है, जबकि वास्तव में यह एक क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी है। इसलिए इस पर भारतीय रिजर्व बैंक के नियम लागू नहीं होते, बल्कि कर्नाटक राज्य के सौहार्द सहकारी कानूनों के तहत इसका संचालन होता है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close