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सीईए ने देशभर की रेलवे मल्टी-स्टेट सहकारी संस्थाओं में अनुपालन पर दिया जोर

सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण (सीईए) ने सोमवार को रेलवे कर्मचारियों की बहु-राज्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया। बैठक का उद्देश्य बहु-राज्य सहकारी समितियाँ (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप समितियों के उपविधियों के संरेखण को सुगम बनाना था।

इस बैठक में रेलवे कर्मचारियों की 16 बहु-राज्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें संबंधित समितियों के अध्यक्षों एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित 40 से अधिक पदाधिकारी शामिल थे।

सभा को संबोधित करते हुए सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह ने सीईए की भूमिका और दायित्वों को रेखांकित किया, जिसकी स्थापना वर्ष 2023 में बहु-राज्य सहकारी समितियाँ अधिनियम में किए गए संशोधनों के बाद की गई थी।

उन्होंने बताया कि प्राधिकरण को बहु-राज्य सहकारी समितियों में मतदाता सूचियों के निर्माण तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिंह ने जानकारी दी कि सीईए द्वारा अब तक 220 चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए जा चुके हैं, जबकि देशभर में 70 चुनाव वर्तमान में प्रगति पर हैं।

रेलवे कर्मचारियों की लगभग 18 बहु-राज्य सहकारी समितियाँ हैं, जिनमें सामूहिक रूप से करीब 8 से 10 लाख रेलवे कर्मचारी सदस्य हैं। ये समितियाँ मुख्य रूप से अपने सदस्यों से जमा स्वीकार करने और उन्हें रियायती दरों पर ऋण प्रदान करने का कार्य करती हैं। इन समितियों का वार्षिक जमा और ऋण लेन-देन अनुमानित रूप से लगभग 10,000 करोड़ रुपये का है।

इनमें से चार समितियों के पास बैंकिंग लाइसेंस भी हैं। अपनी स्थापना के बाद से सीईए ने रेलवे कर्मचारियों की पाँच सहकारी समितियों के चुनाव सफलतापूर्वक कराए हैं। इनमें द जैक्सन कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी ऑफ द एम्प्लॉयीज़ ऑफ वेस्टर्न रेलवे लिमिटेड, मुंबई; एसई, एसईसी एवं ई. को. रेलवे एम्प्लॉयीज़ कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड, कोलकाता; द एन.ई. एवं ई.सी. रेलवे एम्प्लॉयीज़ मल्टी-स्टेट प्राइमरी कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गोरखपुर; द रेलवे श्रमिक सहकारी बैंक लिमिटेड, बीकानेर; तथा द ईस्टर्न रेलवे एम्प्लॉयीज़ कोऑपरेटिव बैंक, कोलकाता शामिल हैं।

बैठक में समितियों के उपविधियों को संशोधित एमएससीएस अधिनियम, 2023 के अनुरूप बनाने, प्रतिनिधि सामान्य निकाय के गठन एवं प्रतिनिधियों के चुनाव, समिति के बोर्ड के कार्यकाल की समाप्ति से कम से कम छह माह पूर्व चुनाव संचालन हेतु प्रस्तावों के समय पर प्रस्तुतिकरण तथा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कार्यशील वेबसाइट के रखरखाव जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

चुनाव प्रक्रिया को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सीईए द्वारा कई संस्थागत उपाय किए गए हैं। इनमें रिटर्निंग अधिकारियों के लिए मैनुअल, निदेशक मंडल एवं पदाधिकारियों की पूर्व स्वीकृति के लिए दिशानिर्देश, मतदाता सूची की तैयारी हेतु हैंडबुक, आदर्श आचार संहिता तथा उम्मीदवारों द्वारा चुनाव व्यय विवरण प्रस्तुत करने संबंधी दिशानिर्देश शामिल हैं। अध्यक्ष ने विभिन्न रेलवे कर्मचारी सहकारी समितियों में सीईए द्वारा कराए गए चुनावों से जुड़े अनुभव और अंतर्दृष्टि भी साझा की।

सीईए के उपाध्यक्ष आर. के. गुप्ता ने प्राधिकरण की भूमिका, चुनाव संचालन में आने वाली चुनौतियों तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

केंद्रीय सहकारी समितियाँ रजिस्ट्रार आनंद कुमार झा तथा सीईए की सदस्य सुश्री मोनिका खन्ना ने समयबद्ध और सुचारू चुनाव सुनिश्चित करने के लिए समितियों के उपविधियों को संशोधित एमएससीएस अधिनियम, 2023 के अनुरूप संशोधित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

रेल मंत्रालय के उप निदेशक (स्थापना) एस. के. रॉय भी बैठक में उपस्थित रहे। इसके अलावा सहकारिता मंत्रालय से आर्थिक सलाहकार मुकेश कुमार तथा संयुक्त निदेशक रेनु शेखावत भी बैठक में शामिल हुए।

प्रतिभागियों ने सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण द्वारा उठाए गए सक्रिय कदमों की सराहना की और सुझाव दिया कि सहकारी संस्थाओं में लोकतांत्रिक शासन को और सुदृढ़ करने के लिए इस प्रकार की परामर्शात्मक बैठकों का नियमित आयोजन किया जाना चाहिए।

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