
नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (एनसीयूआई) के चुनाव में हुई देरी के कारण केंद्र सरकार ने प्रशासक की नियुक्ति कर दी है। मौजूदा गवर्निंग काउंसिल का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो चुका था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। इस घटनाक्रम से सहकारिता जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक पत्राचार के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और पदाधिकारियों के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और संस्था के सुचारु संचालन के उद्देश्य से, केंद्र सरकार ने मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटीज़ अधिनियम, 2002 की धारा 123(1) के तहत सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन को एनसीयूआई का प्रशासक नियुक्त किया है।
यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी और अधिकतम छह माह की अवधि के लिए मान्य होगी। इस दौरान प्रशासक संस्था के कार्यों का संचालन करेंगे और अधिनियम एवं उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने में सहयोग करेंगे।
सिद्धार्थ जैन एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं और उन्हें व्यापक प्रशासनिक अनुभव प्राप्त है। वे खम्मम, पश्चिम गोदावरी और चित्तूर के जिला कलेक्टर रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आयुक्त (उद्योग), निदेशक (पोर्ट्स), आयुक्त (पंजीयन एवं स्टाम्प) तथा आयुक्त (नागरिक आपूर्ति) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य किया है।
संशोधित एमएससीएस अधिनियम, 2002 की धारा 123 के प्रावधान स्पष्ट करते हैं कि यदि निर्धारित अवधि में नया बोर्ड निर्वाचित नहीं होता है, तो पुराने बोर्ड का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जा सकता और ऐसी स्थिति में प्रशासक की नियुक्ति अनिवार्य हो जाती है। वहीं, अधिनियम की धारा 45 में भी किसी बहु-राज्य सहकारी संस्था के बोर्ड के कार्यकाल में विस्तार का कोई प्रावधान नहीं है।
एनसीयूआई निर्धारित समय-सीमा के भीतर नया बोर्ड गठित नहीं कर सका। इसका प्रमुख कारण उपविधियों (बायलॉज़) में संशोधन तथा उसके बाद केंद्रीय रजिस्ट्रार कार्यालय से मंजूरी में हुई देरी बताया गया है। इसके अलावा, सहकार भारती ने प्रस्तावित संशोधनों के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए संस्था की लोकतांत्रिक परंपराओं के संरक्षण को लेकर मंत्रीस्तरीय हस्तक्षेप की मांग की थी।
प्रशासक की नियुक्ति की पुष्टि करते हुए निवर्तमान चेयरमैन दिलीप संघानी ने गुजरात के कच्छ से सोमवार को बताया कि वे शीघ्र ही दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि एनसीयूआई के चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं।”
सूत्रों के अनुसार, कानूनी प्रावधानों के अलावा एनसीयूआई में हुए ताजा घटनाक्रमों में सहकार भारती की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया गया है कि गवर्निंग काउंसिल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सहकार भारती ने मंत्रालय से प्रशासक नियुक्त करने की अपील की थी।



