
आरबीआई ने महाराष्ट्र के पारनेर स्थित मातोश्री महिला सहकारी बैंक पर 40,000 रुपये का मौद्रिक दंड लगाया है।
यह दंड 13 फरवरी 2026 के आदेश के माध्यम से बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 47ए(1)(ग) को धारा 46(4)(i) और धारा 56 के साथ पढ़ते हुए संबंधित प्रावधानों के तहत लगाया गया।
आरबीआई की यह कार्रवाई 31 मार्च 2025 की स्थिति के संदर्भ में बैंक की वित्तीय स्थिति पर की गई वैधानिक निरीक्षण के बाद की गई। पर्यवेक्षण संबंधी निष्कर्षों और बाद की पत्राचार प्रक्रिया के आधार पर केंद्रीय बैंक ने संबंधित बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
जांच में पाया गया कि बैंक ने केवाईसी मानदंडों के तहत आवश्यकतानुसार खातों की जोखिम श्रेणीकरण की कम से कम प्रत्येक छह माह में एक बार आवधिक समीक्षा के लिए उचित प्रणाली स्थापित नहीं की थी।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह दंड नियामकीय कमियों से संबंधित है और इसका ग्राहकों के लेन-देन की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।



