
कोऑपकुंभ 2025’ के दौरान मंगलवार को आयोजित एक सत्र की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज रवींद्र अग्रवाल ने सहकारी आंदोलन में युवाओं की अधिक भागीदारी पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी वर्तमान परिदृश्य के हिसाब से सीमित है।
“हमें ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सहकारी संस्थाओं से जोड़ना चाहिए। उनकी ऊर्जा, विचार और तकनीकी समझ सहकारी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है,” अग्रवाल ने कहा।
अग्रवाल ने बताया कि सहकारी संस्थाएँ 30 से अधिक क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जहाँ युवाओं के लिए उद्यमिता और नवाचार की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं।
उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा घोषित राष्ट्रीय सहकारी नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रस्तावित सहकारी विश्वविद्यालय युवाओं में सहकारिता संबंधी ज्ञान और कौशल बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।



