
चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता वाली संसद की कृषि, पशुपालन एवं खाद्य प्रसंस्करण संबंधी स्थायी समिति ने सहकारी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चिंता जताई है। समिति ने हाल ही में सहकारिता मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में विशेष रूप से बिहार राज्य सहकारी विपणन संघ (बिस्कोमॉन) के चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों को उठाया।
नई दिल्ली स्थित संसद भवन में हाल ही में आयोजित बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने बिस्कोमॉन में चुनावों में कथित अनियमितताओं और मतदान अधिकार वाले नामित निदेशकों की नियुक्ति को लेकर मंत्रालय से विस्तृत जानकारी मांगी। समिति ने सहकारी संस्थाओं में पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया, जिसमें मतदाता सूची के सही और व्यवस्थित निर्माण की आवश्यकता भी शामिल है।
चुनाव संबंधी मुद्दों के अलावा, समिति ने सहकारी क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों की भी समीक्षा की। इनमें बीज वितरण में सहकारी संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करना, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) में डिजिटलीकरण के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाना, तथा सहकारी चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करना शामिल है।
इसके साथ ही, सदस्यों ने डेयरी किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सहकारी संस्थाओं के माध्यम से दूध खरीद बढ़ाने, सहकारी गोदामों के निर्माण, और सहकारी क्षेत्र के कर्मचारियों एवं सदस्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की।
बैठक के दौरान सहकारिता मंत्रालय के अधिकारियों ने समिति को बजट आवंटन और चल रही योजनाओं की जानकारी दी तथा सदस्यों द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों पर अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की।



