
सहकारी खरीद-बिक्री संघों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अहमदाबाद में एक राज्य स्तरीय संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें सहकारिता क्षेत्र के कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। इस संगोष्ठी का आयोजन गुजरात राज्य सहकारी संघ के प्रशिक्षण कक्ष में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ सहकारी नेता घनश्याम अमीन ने की।
कार्यक्रम का उद्घाटन इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) तथा गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (गुजकॉमासोल) के चेयरमैन दिलीप संघानी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर संघानी ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है और सहकारी आंदोलन का विकास भी हमेशा कृषि से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद “सहकार से समृद्धि” के लक्ष्य को नई गति मिली है और सहकारी संस्थाओं को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
अध्यक्षीय संबोधन में घनश्याम अमीन ने कहा कि सहकारी आंदोलन आज वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया जाना इस क्षेत्र की बढ़ती प्रासंगिकता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि भारत में आठ लाख से अधिक सहकारी संस्थाएं और लगभग 30 करोड़ सदस्य हैं, जबकि गुजरात में 92 हजार से अधिक सहकारी संस्थाएं करीब 1.7 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं।
अमीन ने सहकारी खरीद-बिक्री संघों के पदाधिकारियों से बदलते बाजार के अनुरूप अपने कार्यों को आधुनिक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कंप्यूटरीकरण, ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान, आधुनिक भंडारण व्यवस्था और ई-डिलीवरी जैसी तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मॉल संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच सहकारी संस्थाओं को भी आधुनिक रिटेल मॉडल अपनाने की आवश्यकता है। इसी दिशा में गुजकॉमासोल द्वारा विभिन्न शहरों में ‘गुजकॉमार्ट’ के आठ मॉल स्थापित किए जा चुके हैं और भविष्य में गुजरात भर में लगभग 250 आउटलेट शुरू करने की योजना है।
संगोष्ठी के दौरान “को-ऑप मार्केटिंग सोपान” नामक प्रकाशन का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें बर्दोली सहकारी खरीद-बिक्री संघ के काविन पटेल, गुजकॉमासोल के सीईओ दिनेश सुथार, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के क्षेत्रीय निदेशक संजय कुमार और भरूच जिला सहकारी बैंक के सलाहकार आर.पी. रावल ने विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गुजरात राज्य सहकारी संघ के कार्यकारी अधिकारी डॉ. राजेंद्र त्रिवेदी के स्वागत भाषण से हुई। संचालन जयभाई ठक्कर ने किया, जबकि सी.जे. दवे ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। संगोष्ठी में गुजरात भर से सहकारी खरीद-बिक्री संघों के लगभग 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।



