
भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) के प्रबंध निदेशक के.जे. पटेल ने पिछले सप्ताह शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बैठक के दौरान इफको के प्रदर्शन तथा भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई।
मंत्री के आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात में के.जे. पटेल ने इफको के समग्र परिचालन प्रदर्शन की जानकारी दी, जिसमें पारंपरिक उर्वरकों के साथ-साथ विशेष उत्पादों के निर्माण और बिक्री में हुई प्रगति शामिल रही।
इस अवसर पर पटेल ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की देश में बढ़ती स्वीकार्यता तथा इनके निर्यात में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की जानकारी दी, जो भारतीय सहकारी-आधारित कृषि नवाचार पर वैश्विक भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों को कम लागत और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से अपनाया जा रहा है।
बैठक में इफको नैनोवेंशंस की प्रगति को भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में साझा किया गया। इफको और ब्राजील की साझेदार कंपनी के संयुक्त उपक्रम के तहत ब्राजील में नैनो उर्वरक निर्माण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिसके जून 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। यह परियोजना भारतीय सहकारी तकनीक को वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
ब्राजील संयंत्र को सरकार की “सहकार से समृद्धि” की व्यापक परिकल्पना का ठोस उदाहरण बताया गया, जिसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को आर्थिक विकास, किसान समृद्धि और ग्रामीण उत्थान का प्रमुख माध्यम बनाना है।
बैठक में इफको द्वारा किसानों के लिए चलाए जा रहे प्रशिक्षण, जागरूकता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई, जिनका उद्देश्य नैनो उर्वरकों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना है। इन पहलों में फील्ड डेमोंस्ट्रेशन, प्रशिक्षण कार्यक्रम और डिजिटल माध्यमों से किसानों तक जानकारी पहुंचाना शामिल है।
इसके अलावा, कृषि-आधारित विकास में सहकारिताओं की भूमिका को और मजबूत करने, अंतिम छोर तक किसानों से जुड़ाव बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास को गति देने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।



