
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए पश्चिम बंगाल के सभी सहकारी बैंकों ने साइबर फॉरेंसिक ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले वर्ष साइबर धोखाधड़ी के मामलों में सहकारी बैंकों को लगभग 35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
रिपोर्टों में बताया गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र और निजी बैंकों की तुलना में सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कमजोर रही है, जिसके कारण ये बैंक साइबर अपराधियों के लिए आसान निशाना बने। आंकड़ों के अनुसार, करीब 43 प्रतिशत मामलों में एटीएम कार्ड से संबंधित डेटा चोरी हुआ।
यह ऑडिट सीईआरटी-इन (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल) के दिशा-निर्देशों के तहत किया जाएगा। पहल के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों प्रकार के सहकारी बैंकों को शामिल किया जाएगा। इस प्रक्रिया में राज्य पुलिस और सीआईडी की साइबर विशेषज्ञ टीमें भी तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगी।



