
सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज (सीआरसीएस) ने बहु-राज्य सहकारी समितियों (एमएससीएस) के नियामक ढांचे को सुदृढ़ और विकेंद्रीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुणे में अपना पहला क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किया है।
इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना, अनुपालन निगरानी को मजबूत करना तथा नई दिल्ली स्थित मुख्यालय पर कार्यभार को संतुलित करना है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, पुणे क्षेत्रीय कार्यालय पश्चिमी क्षेत्र, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा तथा केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, की निगरानी करेगा।
यह कदम नियामक प्रणाली को जमीनी स्तर के निकट लाते हुए प्रस्तावों के त्वरित निस्तारण, प्रभावी पर्यवेक्षण और शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करेगा। हालांकि, बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत सभी प्रमुख वैधानिक एवं अर्ध-न्यायिक अधिकार सीआरसीएस मुख्यालय के पास ही निहित रहेंगे, जिनमें पंजीकरण, उपविधियों की स्वीकृति एवं संशोधन, विवाद निपटान तथा परिसमापन प्रक्रियाएं शामिल हैं।
संचालनात्मक स्तर पर, पुणे क्षेत्रीय कार्यालय को कई महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं। यह नए पंजीकरण, संशोधन और रूपांतरण से संबंधित प्रस्तावों के दस्तावेजों एवं सदस्यता विवरणों का सत्यापन कर अंतिम स्वीकृति हेतु मुख्यालय को प्रेषित करेगा। साथ ही, अधिनियम की धारा 120 के अंतर्गत दाखिल वार्षिक रिटर्न की जांच, निरीक्षण और विशेष ऑडिट भी करेगा।
कार्यालय एजीएम के समय पर आयोजन, बोर्ड चुनावों और वैधानिक ऑडिट जैसे अनुपालन मानकों की निगरानी करेगा। शिकायतों पर प्रारंभिक जांच कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन मुख्यालय को भेजे जाएंगे, जबकि आरटीआई आवेदनों, संसदीय प्रश्नों तथा हितधारकों की शिकायतों का निस्तारण भी यहीं से किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय कार्यालय सहकारी चुनाव प्राधिकरण को चुनाव प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करेगा, परिसमापनाधीन समितियों के परिसमापकों के साथ समन्वय बनाए रखेगा तथा परिसंपत्तियों और अभिलेखों का फील्ड सत्यापन करेगा। यह कार्यालय राज्य स्तरीय सहकारी रजिस्ट्रारों और सीआरसीएस मुख्यालय के बीच एक प्रभावी समन्वय कड़ी के रूप में भी कार्य करेगा।
पुणे के सेनापति बापट रोड स्थित मुथा चैंबर्स में स्थापित यह कार्यालय वर्तमान में नवीनीकरण कार्य के कारण अस्थायी रूप से आगरकर नगर से संचालित हो रहा है। यहां उप रजिस्ट्रार शिल्पा कडू भदाने तथा वरिष्ठ सहकारी अधिकारी जगदीशा एम सहित प्रमुख अधिकारी तैनात हैं।
यह पहल सहकारी क्षेत्र के नियमन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब बहु-राज्य सहकारी समितियां ऋण, डेयरी, आवास और कृषि जैसे विविध क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही हैं।



