
नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (नाफेड) की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में दलहन एवं तिलहन की खरीद व्यवस्था, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक में मूल्य समर्थन योजना तथा मूल्य स्थिरीकरण निधि के अंतर्गत संचालित खरीद कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य बिना किसी देरी के मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि सभी खरीद केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अरहर, उड़द और मसूर जैसी प्रमुख दलहनों के उत्पादन और खरीद को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। प्रस्तावित छह वर्षीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत उत्पादन बढ़ाने, उन्नत बीज उपलब्ध कराने, तकनीकी सहयोग प्रदान करने और प्रभावी विपणन व्यवस्था विकसित करने पर विस्तार से विचार किया गया। इस मिशन का उद्देश्य देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना, आयात पर निर्भरता कम करना तथा किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।
चौहान ने कहा कि किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ना सरकार की प्रतिबद्धता है।
उन्होंने राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा खरीद एवं भंडारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि बाजार में मूल्य स्थिरता बनी रहे और किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, अपर सचिव प्रमोद कुमार मेहरदा, अपर सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



