ताजा खबरें

नागपुर की निर्मल उज्ज्वल सहकारी संस्था जांच के घेरे में, सीआरसीएस का कड़ा रूख

सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसायटीज (सीआरसीएस) के कार्यालय ने नागपुर स्थित निर्मल उज्ज्वल क्रेडिट सहकारी सोसायटी लिमिटेड को कथित वित्तीय अनियमितताओं और वैधानिक फाइलिंग में गैर-अनुपालन के आरोपों को लेकर नोटिस जारी किया है।

यह नोटिस बुधवार को सोसायटी के संचालन से संबंधित जारी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जारी किया गया।

यह कार्रवाई बॉम्बे उच्च न्यायालय, नागपुर पीठ के 24 मार्च 2026 के आदेश के बाद हुई है, जिसमें कई आपराधिक रिट याचिकाओं की सुनवाई के दौरान विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट का उल्लेख किया गया था। अदालत ने अपने अवलोकन में कहा था कि जांच में सोसायटी के कुछ पदाधिकारियों की वित्तीय अनियमितताओं में संभावित संलिप्तता के संकेत मिले हैं।

नोटिस में उद्धृत जांच निष्कर्षों के अनुसार, एसआईटी ने प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाए हैं कि सोसायटी के पूर्व सचिव प्रमोद मनमोडे द्वारा सोसायटी की निधियों के गबन और दुरुपयोग की आशंका है।

जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने कथित रूप से पीएनजी कॉरपोरेशन नामक एक साझेदारी फर्म स्थापित की और सोसायटी के कर्मचारियों को ऋण स्वीकृत कर उन्हें उक्त फर्म में स्थानांतरित किया। इसके अलावा, पीएनजी कॉरपोरेशन के कर्मचारियों को भी ऋण दिए गए, जिनकी राशि अंततः उसी फर्म तक पहुंचाई गई।

एसआईटी ने यह भी पाया कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच वितरित कई ऋण अब तक बकाया हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व सचिव द्वारा लगभग 3.75 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत ऋण लेने की बात सामने आई है, जिसकी बकाया राशि बढ़कर करीब 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। नोटिस में कहा गया है कि इन बकाया राशियों की वसूली के लिए सोसायटी द्वारा पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

अलग से, सीआरसीएस ने यह भी पाया कि वित्त वर्ष 2022–23, 2023–24 और 2024–25 के लिए पोर्टल पर दायर वार्षिक रिटर्न अधूरे हैं। मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी अधिनियम, 2002 की धारा 120 के तहत आवश्यक दस्तावेज, जैसे ऑडिटर की रिपोर्ट, पूर्ण वित्तीय विवरण, अनुलग्नक और खातों के नोट्स, संलग्न नहीं किए गए थे।

नोटिस में सोसायटी के अध्यक्ष या मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे सात दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें और पूर्ण वार्षिक रिटर्न दाखिल करें।

सीआरसीएस कार्यालय ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में अनुपालन न होने पर अधिनियम और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close